रायपुर। आम्बेडकर अस्पताल में बायोकेमिस्ट्री विभाग के स्टेम सेल इकाई में नासूर बन चुके घावों का इलाज कर मरीजों को स्वस्थ किया जा रहा है। पिछले पांच वर्षों में 150 लोगों के गंभीर घावों का इलाज किया गया है। बायोकेमिस्ट्री विभाग के चिकित्सक डा. पीयूष भार्गव ने बताया ऐसे घाव, जो लंबे समय से भर नहीं पाते हैं, वे नासूर बन जाते हैं।

विभाग में संचालित स्टेम सेल इकाई में ऐसे मरीजों का निश्शुल्क इलाज किया जाता है। छत्तीसगढ़ के विभिन्न भागों के अलावा पड़ोसी राज्यों जैसे ओडिशा, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश आदि से भी नासूर घावों का इलाज कराने आते हैं। पिछले पांच साल से लगभग 150 से अधिक मरीजों का इलाज किया जा चुका है। इनमें से कई मरीज डायबिटीज के भी थे, इसके अलावा बेड सोर के भी मरीज एक्सीडेंट के कारण घाव वाले मरीज न्यूरोलाजिकल कारण से बने घाव एवं जल जाने से बने घाव का भी इलाज किया जाता रहा है।

ऐसे घाव जो लंबे समय यहां तक कि 15 साल से भी अधिक समय का घाव भी ठीक किया गया है, कुछ घाव जो कि स्किन ग्राफ्टिंग से भी नहीं भर पाए थे उसे भी ठीक किया गया है। सिकल सेल के मरीजो का घाव भी यहां पर ठीक किया जा रहा है। चिकित्सक ने बताया कि लंबे समय जिन लोगों के शरीर में घाव हैं और ठीक नहीं हो पा रहे हैं, वे आम्बेडकर अस्पताल के बायोकेमिस्ट्री विभाग में निश्शुल्क जांच और इलाज करा सकते हैं।

Posted By: Shashank.bajpai

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