अंबिकापुर Ambikapur Murder । सूरजपुर जिले के भटगांव थाना क्षेत्र में सेवानिवृत्ति से तीन दिन पहले एसईसीएल कर्मी की हत्या के मामले का पुलिस ने रहस्योद्घाटन कर दिया है। कॉलरीकर्मी की हत्या उससे 20 साल छोटी तीसरी पत्नी ने प्रेमी व उसके दोस्त से करा दी थी। पत्नी व उसके प्रेमी की मंशा थी कि हत्या के बाद मिले रुपयों व अनुकंपा नौकरी से दोनों आगे की जिंदगी बसर कर लेंगे। पुलिस ने आरोपित पत्नी व उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि प्रेमी का दोस्त फरार है।

सूरजपुर जिले के भटगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बंशीपुर निवासी बाबूलाल 60 वर्ष शिवानी खदान में पंप ऑपरेटर के पद पर पदस्थ था। वह अपनी तीसरी पत्नी सागरमती 40 वर्ष व 2 बेटों के साथ रहता था। उसकी तीसरी पत्नी उससे 20 साल छोटी थी। उसने घर के सामने वाले हिस्से में ढाबा भी खोल रखा था जिसे बच्चों के सहयोग से पत्नी चलाती थी। बाबूलाल 31 मार्च को सेवानिवृत्त होने वाला था। इसी बीच 28 मार्च की सुबह घर से कुछ दूर नहर के पास उसकी संदिग्ध अवस्था में लाश मिली थी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने मामले की छानबीन शुरु की। सूरजपुर एसपी राजेश कुकरेजा के नेतृत्व में पुलिस जांच में पता चला कि पत्नी के प्रेमी मणिरंजन मिश्रा उर्फ पिंटू मिश्रा 35 वर्ष ने दोस्त सीताराम यादव के साथ मिलकर बाबूलाल की गमछे से गला व मुंह दबाकर हत्या की थी और शव को नहर के पास फेेंक दिया था। इस मामले में पुलिस ने पत्नी सागरमती व प्रेमी मणिरंजन उर्फ पिंटू मिश्रा को गिरफ्तार कर धारा 302, 201, 120बी व 34 के तहत जेल भेज दिया।

पत्नी का शौक नहीं कर पाता था पूरा

पुलिस जांच में पता चला कि मृत कॉलरीकर्मी नशे का आदी था और जुआ भी खेलता था। शारीरिक रूप से अक्षम होने व टीबी की बीमारी होने के कारण वह पत्नी की जरूरतों को पूरी नहीं कर पाता था। ढाबे में आरोपित मणिरंजन मिश्रा उर्फ पिंटू मिश्रा खाना खाने अक्सर आता था। इस दौरान मृतक की पत्नी सागरमती से उसकी पहचान हो गई और प्रेम संबंध बन गए।

सेवानिवृत्ति से तीन दिन पहले हत्या

31 मार्च 2020 को मृतक बाबूलाल सेवानिवृत्त होने वाला था। पुलिस के मुताबिक मृतक की पत्नी को इस बात की चिंता सताने लगी थी कि सेवानिवृत्ति के बाद वह घर में ही रहेगा तो उसका प्रेमी से मिल पाना संभव नहीं होगा। इसके बाद पत्नी व प्रेमी ने मिलकर उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई।

योजनाबद्ध तरीके से 27 मार्च की रात आरोपित मणिरंजन मिश्रा उर्फ पिंटू अपने दोस्त सीताराम यादव के साथ मृतक के घर आया और साथ में बैठकर शराब पी। उसने मृतक से कहा कि चलो ताश खेलते हैं। इस पर मृतक ने पत्नी से रुपयों की मांग की तो पत्नी ने छोटे बेटे मोहित को बोलकर 3 हजार रुपए दिलवा दिए। मणिरंजन मिश्रा व उसके दोस्त उसे नहर के पास ले गए और दोनों ने मिलकर उसके ही गमछे से गला व मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद दोनों घर लौट गए।

बेटे को कमरे में कर दिया था बंद

आरोपित मणिरंजन मिश्रा ने कमरे में उसके छोटे बेटे मोहित को बंद कर दिया था। वह टीवी देखते ही मोबाइल चला रहा था। कुछ देर बाद जब उसने दरवाजा खोलना चाहा तो दरवाजा बंद था। इसके बाद वह पीछे की दीवार फांदकर निकला। इसी बीच आरोपी मणिरंजन व सीताराम उसे स्कूटी से आते दिखाई दिए थे, लेकिन उसे संदेह नहीं हुआ था। आरोपित ने प्रेमिका को घटना की जानकारी भी दे दी थी।

प्रेमी के लिए कार और खुद की नौकरी की थी इच्छा

आरोपित महिला सागरमति व उसके प्रेमी की मंशा था कि सेवानिवृत्ति से पहले हत्या करने से उसे अनुकंपा में नौकरी मिल जाएगी। मिलने वाली रकम से दोनों आराम से जीवन यापन करेंगे। पत्नी ने सोचा था कि वह प्रेमी के लिए एक चारपहिया वाहन खरीद देगी और अपने घर के बगल में ही घर बनवा देगी। उनके मुलाकात में किसी प्रकार की बाधा भी नहीं रहेगी।

Posted By: Sandeep Chourey

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