रायपुर। छत्‍तीसगढ़ में बीते पौने चार साल में उद्योग और व्यापार क्षेत्रों के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार होने से जहां उद्योग और व्यापार को गति मिली है, वहीं रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। इसका कारण सरकार की औद्योगिक नीति 2019-24 की घोषणा के साथ आवश्यक संशोधनों और कृषि तथा वन आधारित उद्योगों को प्राथमिकता देना माना जा रहा है। इसके कारण राज्य में पौने चार वर्षों में दो हजार 218 नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित हुईं। इसमें 21 हजार 457 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ और 40 हजार 324 लोगों को रोजगार मिला है। यहीं कारण है कि ईज आफ डूइंग बिजनेस के मापदंडों में छत्तीसगढ़ देश के प्रथम छह राज्यों में शामिल है।

कृषि और वन आधारित उद्योगों को दी जा रही है प्राथमिकता

सरकार की ओर से एमएसएमई सेक्टर को प्रोत्साहन देने विशेष पहल की गई है। इसमें सेवा श्रेणी के उद्यमों में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन, सेवा केंद्र, बीपीओ, 3-डी प्रिटिंग, बीज ग्रेडिंग जैसे 16 सेवाओं को सामान्य श्रेणी के उद्योगों की तरह ही औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन दिए जाने का प्रविधान किया गया। मेडिकल उपकरणों और कई अन्य चिकित्सा व स्वास्थ्य सुरक्षा संबंधी सामग्री स्थानीय स्तर पर ही बनाने की संभावना को देखते हुए निवेश प्रोत्साहन को दिया जा रहा है। नए उद्योगों की स्थापना के लिए 177 एमओयू भी किए गए हैं। इसमें 89 हजार 597 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इसमें से 90 से अधिक इकाइयों ने उद्योग स्थापना की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इन औद्योगिक इकाइयों में 90 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। नई औद्योगिक नीति में फूड, एथेनाल, इलेक्ट्रानिक्स, डिफेंस, दवा, सोलर जैसे नए उद्योगों को प्राथमिकता दी गई है।

स्टार्टअप को किया जा रहा प्रोत्साहित

सरकार द्वारा स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए भी पहल की जा रही हैं। इसके लिएस्टार्टअप पालिसी, टैक्स में छूट और अनुदान केप्रविधान के लिएइन्क्यूबेटर्स की स्थापना कर को-वर्किंग स्पेस, मेंटरशिप, फंडिंग और टेक्नोलाजी सपोर्ट के प्रविधान किए गए हैं। केंद्रीय उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग ने स्टेट्स स्टार्टअप ईको सिस्टम के विकास के लिए एस्पायरिंग लीडर के रूप में सम्मानित किया गया है।

बायो एथेनाल प्लांट

प्रदेश में जैविक ईंधन के उपयोग को प्रोत्साहित करने के साथ प्रदूषण कम करने, कृषि उत्पादों के ईंधन के रूप में इस्तेमाल समेत अनेक लक्ष्यों और उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए बायो एथेनाल संयंत्रों की स्थापना पर जोर दिया जा रहा है। बायो एथेनाल प्लांट लगाने के लिए 18 निवेशकों के साथ 3300 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के लिए एमओयू किया गया है। इनकी स्थापना से दो हजार से अधिक लोगों को रोजगार मुहैया होगा। वहीं धान से एथेनाल की अनुमति मिलने पर बड़े पैमाने पर एथेनाल बन सकता है। वहीं उत्पादक किसानों को बेहतर दाम भी मिलेगा।

छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, हमने उद्योग-व्यापार को बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं। नियमों का सरलीकरण किया गया है। नई औद्योगिक नीति 2019-24 लागू होने के बाद औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों का नया वातावरण निर्मित हुआ है। कृषि और वन आधारित उद्योगों को प्राथमिकता देने के साथ ही निवेश के लिए विशेष पैकेज और रियायतें दी गई हैं। इससे रोजगार के नए अवसर भी बन रहे हैं। यह प्रयास नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने में मददगार बनेंगे।

-राज्य सरकार ने रखा है 200 फूड पार्क की स्थापना का लक्ष्य

-फूड पार्क के लिए 112 विकासखंडों में भूमि काचिन्हांकन

-52 विकासखंडों में भूमि का अधिपत्य उद्योग विभाग को दिया गया

-रायपुर के पंडरी में 350 करोड़ की लागत से 10 एकड़ में जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क की स्थापना प्रक्रियाधीन

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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