रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

यदि आप ट्रेन में सफर करते हैं तो निश्चित तौर पर टीसी आपका टिकट जरूर चेक करेगा। आपके पास टिकट नहीं रहेगा तो टीसी से बचने की कोशिश जरूर करेंगे, लेकिन यहां इस टीसी से लोग बचने की कोशिश नहीं करते, बल्कि उसे ट्रेन से धक्के मार कर बाहर फेंक देते हैं। हम बात कर रहे हैं रास बिहारी नाटक की, जिसमें घूस देकर टीसी बने रासबिहारी के दिलचस्प अनुभवों को हास्य के कलेवर में निर्देशक पल्लवी शिल्पी ने प्रस्तुत किया है।

शनिवार की शाम को तेलीबांधा स्थित राग द म्यूजिक कैफे में कच्ची माटी और आर्ट हलचल की ओर से रास बिहारी नाटक का मंचन किया गया। नाटक में साकेत साहू ने रास बिहारी का किरदार निभाते हुए 30 मिनट के नाटक में 18 किरदार निभाए। इस नाटक में रासबिहारी घूस देकर रेलवे में टीसी की नौकरी पर लग जाता है। नौकरी के पहले दिन वह अपने सीनियर टीसी अवस्थी से मुलाकात करता है, जिसके रिटारयमेंट का आखिरी दिन रहता है। वह उससे टिकट के नाम पर रिश्वत कैसे लें इसके टिप्स मांगता है। इसके बाद वह ट्रेन में सफर करने वाले सभी यात्रियों से टिकट चेक करने के नाम पर जबरदस्ती पैसा उगाही करने की कोशिश करता है, लेकिन यात्री उसे पैसे न देकर उसकी बुरी तरह से पिटाई कर देते हैं और ट्रेन से बाहर फेंक देते हैं। दरअसल इस नाटक में लेखक अशोक मिश्र ने यह बताने की कोशिश की है कि घूसखोरी से किया गया काम कभी सफलता नहीं देता। यह नाटक हास्य व्यंग्य एकांकी है, लेकिन करुणा में लपेट कर प्रस्तुत किया गया है।

0- टीसी से ही वसूले पैसे

टिकट चेकर रासबिहारी ट्रेन में सफर कर रहे एक सिंधी युवक से 12 हजार की रिश्वत मांगता है। सिंधी युवक इसका विरोध करता है वह पैसे देने से इंकार करता है, लेकिन टीसी रासबिहारी उससे 12 हजार रुपये लेने की जिद पर अड़ा रहा है। तभी सिंधी युवक मोबाइल से रिश्वत मांगने वाला वीडियो बना लेता है। इसके बाद वह युवक रासबिहारी से कहता है कि 12 हजार रुपये दोगे तभी यह वीडियो डिलीट करूंगा। बड़ी मुश्किल से चार हजार रुपये में मामला सेट होता है और युवक वीडियो डिलीट करने के बाद उसकी पिटाई भी कर देता है।

0- 18 किरदार देख लोटपोट हो गए दर्शक

रास बिहारी नाटक में कलाकार साकेत ने साधु, राजनेता, बूढ़े व्यक्ति, बाराती, रिश्तेदार, सास-ससुर, यात्री, सीनियर टीसी अवस्थी और सिंधी युवक समेत 18 किरदार मात्र 30 मिनट के नाटक में निभाए। इस मौके पर दर्शक लोटपोट हो गए।