रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। Ganesh Idol Immersion: रविवार को अनंत चतुर्दशी पर गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला शुरू हो गया। अब आम लोग भी नदी-तालाब में प्रदूषण न फैले और घाट साफ-सुथरा रहे, इसके प्रति जागरूक नजर आए। नगर निगम द्वारा बनाए गए विसर्जन कुंड में हजारों प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इसके अलावा कई कालोनियों में भी अस्थायी कुंड में घर-घर विराजित प्रतिमाएं विसर्जित की गई। प्रशासन के नियमों के चलते बिना गाजे-बाजे, डीजे के श्रद्धालु सादगी से विसर्जन करने खारुन नदी के किनारे कुंड तक पहुंचे।

गोताखोरों, कर्मियों ने क्रेन के सहारे प्रतिमाओं को विसर्जित किया। राजधानी में हालांकि गणेश बप्पा को विदाई देने के लिए पंडाल के पास डीजे, धमाल बजाकर लोग जमकर नाचते हुए नजर आए। इस दौरान बच्चों से लेकर बुजुर्गों में खासी उत्साह देखने को मिला है।

भीड़ से बचाने के लिए मोहल्लों में बनाए अस्थायी विसर्जन कुंड

कोरोना महामारी को देखते हुए प्रशासन ने गणेश प्रतिमा के विसर्जन के लिए राजधानी में अलग-अलग मोहल्लों में अस्थायी विसर्जन कुंड तैयार किया है। जानकारी के अनुसार प्रत्येक जोन में 10 से अधिक विसर्जन कुंड तैयार किया है। हालांकि, महादेव घाट स्थित विसर्जन कुंड स्थायी है, जहां विसर्जन को देखते हुए यहां पर्याप्त सुरक्षा का बंदोबस्त किया है। लोगों से अपील कर रहे हैं मास्क लगाए और भीड़ लगाए। हालांकि देर शाम महादेव घाट में विसर्जन करने वाले की संख्या भीड़ हो गई है।

देर रात तक हुआ विसर्जन

राजधानी कई छोटी-बड़ी गणेश प्रतिमा का विसर्जन महादेव घाट समेत अन्य कुंडों में देर रात तक जारी रहा। लोग डीजे, धमाल में थिरके हुए गणपति बप्पा मोरिया..., जिसे भी आती है कोई मुसीबत, उसे बप्पा ने ही तो संभाला...।

पांच हजार से अधिक छोटी और सवा सौ बड़ी मूर्तियां विसर्जित

महादेवघाट में निर्मित अस्थायी विसर्जन कुंड समेत शहर के विभिन्न तालाबों के विसर्जन कुंडों में रविवार को श्री अनंत चतुर्दशी पर्व पर श्रीगणेश की प्रतिमाओं का पूजन के बाद श्रद्धापूर्वक विसर्जन का सिलसिला सुबह से देर रात तक जारी रहा। नदी के किनारे अस्थायी विसर्जन कुंड में दिन भर विसर्जन का दौर चला। अब तक पांच हजार से अधिक छोटी मूर्तियां और 117 बड़ी मूर्तियां विसर्जित की जा चुकी हैं। विर्सजन का क्रम निरंतर जारी है।

गुढ़ियारी स्थित मच्छी तालाब के किनारे बनाए गए अस्थायी विसर्जन कुंड में दोपहर तक 126 छोटी मूर्तियां विसर्जित की जा चुकी थीं। विसर्जन कुंड की प्रशासनिक व्यवस्था को देखने के लिए कलेक्टर सौरभ कुमार, नगर निगम आयुक्त प्रभात मलिक और माधव राव सप्रे वार्ड पार्षद वीरेंद्र देवांगन निकले। जोन आठ के अधिकारियों की उपस्थिति में कलेक्टर-आयुक्त ने आवश्यक निर्देश दिए।

मच्छी तालाब, कुकरी तालाब में एमआइसी सदस्य सुंदर जोगी ने अस्थायी विसर्जन कुंडों की व्यवस्था देखी। जोन आठ की स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सुबह ही महादेवघाट के अस्थायी विसर्जन कुंड में विशेष टीम भेजकर सैनिटाइजर स्प्रे करवाया। मूर्ति विसर्जन के दौरान जोन की विशेष टीम लगातार सफाई के साथ फागिंग अभियान में जुटी रही। श्रद्धालुओं में दिन भर श्रीगणेश मूर्ति विसर्जन करने भारी उत्साह देखा गया।

पितर पक्ष का शुरुआत कल से

महामाया मंदिर के पं. मनोज शुक्ला ने बताया कि 21 सितंबर से पितृ पक्ष (श्राद्ध पक्ष) शुरू हो रहे हैं, जो छह अक्टूबर तक चलेंगे। भारतीय धर्मग्रंथों के अनुसार मनुष्य पर तीन प्रकार के ऋण प्रमुख माने गए हैं- पितृ ऋण, देव ऋण तथा ऋषि ऋण। इनमें पितृ ऋण सर्वोपरि है।

Posted By: Shashank.bajpai

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