Axis Bank Fraud In Raipur रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। एक्सिस बैंक में 16 करोड़ के फजीवाड़ा में रायपुर के चार सहित सात आरोपित गिरफ्तार हुए हैं। इसमें दो बैंक मैनेजर भी शामिल हैं। हालांकि अब तक गिरोह के मुख्य सरगना का पता नहीं चल सका है। पुलिस आरोपितों की रिमांड पर लेगी। इसके बाद भी ही सच सामने आ सकेगा।

16 करोड़ 40 लाख रुपये का फर्जीवाड़ा महज 20 दिनों में किया गया है। रकम 11 खातों में ट्रांसफर की गई। हालांकि जब पुलिस ने उन खातों को खंगाला तो पैसे दूसरे खाते में ट्रांसफर हो चुके थे। आरोपितों ने छत्तीसगढ़ राज्य कृषि मंडी बोर्ड का फर्जी लेटर भी तैयार किया था।

जान पहचान बताकर लिया झांसे में

पुलिस ने बताया कि रायपुर निवासी आरोपित सौरभ मिश्रा पेश्ो से ठेकेदार है। उसने बताया है कि आबिद खान का कोटक महेंद्रा के मैनेजर गुलाम मुस्तफा से परिचय था। मैनेजर की सरकारी विभाग में भी पहचान है। उन्हीं के माध्यम से मंडी बोर्ड के 60 करोड़ रुपये को एक्सिस बैंक डूंडा शाखा में जमा करवाए थे। जहां से नौ आरटीजीएस और अन्य माध्यम से 16 करोड़ 40 लाख 12 हजार 655 रुपये का फर्जी तरीके से ट्रांसफर कर लिए गये। इस मामले में अंतरराज्यीय गिरोह के शामिल होने की आशंका है। इसलिए पुलिस की टीमें दिल्ली, मुंबई, गुजरात, बैंगलोर और अन्य कई राज्यों में भेजी गई है। ताकि आरोपितों की गिरफ्तारी और गबन राशि का जब्त किया जा सकें।

ऐसे शुरू हुआ बड़े फर्जीवाड़े का खेल

जानकारी के अनुसार सत्यनारायण वर्मा उर्फ सतीश वर्मा हैदराबाद का रहने वाला है। सत्यनारायण ने नाम बदलकर एक्सिस बैंक में आना जाना शुरू किया। वहां के मैनेजर से मुलाकात की। इसके बाद वह छत्तीसगढ़ मंडी बोर्ड गया और वहां के कर्मचारियों से बात कर खुद को एक्सिस बैंक का कर्मचारी बताकर बैंक में बोर्ड का खाता खुलवाने के लिए कहा।

बैंक का कर्मचारी जब मंडी बोर्ड पहुंचा तो उसे सत्यनारायण उर्फ सतीश मिला और उसने बोर्ड के अधिकारियों से बातकर खाता खुलवाने को कहा। बोर्ड ने खाता खुलवा दिया। इसके बाद बैंक में चेक बुक आई तो आरोपितों ने फर्जी लेटर तैयार किया। इसमें लिखा गया था कि चेक बुक दे दी जाए। बैंक के मैनेजर के साइन भी थे। इसके बाद पैसे निकालने का खेल शुरू हुआ।

फर्जी लेटर के माध्यम से ट्रांसफर की रकम

आरोपितों ने फर्जी लेटर तैयार कर 30 करोड़, 20 करोड़ और 10 करोड़ का आरटीजीएस के माध्यम से कूटरचित दस्तावेतों के आधार पर पैसे निकाले। मंडी बोर्ड का फर्जी लेटर भी डाला गया था। लेटर में जब मंडी बोर्ड को शक हुआ तो उसने इसकी शिकायत बैंक से की। जांच में पता चला कि फर्जी लेटर के सहारे पैसे ट्रांसफर किए जा रहे। बैंक खाते की जांच की गई तो पता चला कि फर्जीवाड़ा हुआ है। इसके बाद बैंक ने मंडी बोर्ड को पूरी रकम लौटाई व मुजगहन थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई।

बैंक मैनेजर करता रहा काम

आरोपित बैंक मैनेजर संदीप रंजन दास करोड़ों का फर्जीवाड़ा कर आराम से बैंक में काम कर रहा था। पुलिस लगातार पूछताछ कर रही थी वह उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं होने की बात कह कर गुमराह कर रहा था। जब दो आरोपित हैदराबाद में पकड़े गए और उन्होंने बैंक मैनेजर का नाम लिया तो पूरे मामले का राजफाश हुआ। इसके बाद इस मामले में एक के बाद एक नाम सामने खुलते गए।

एक्सिस बैंक फर्जीवाड़े में सात आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में कुछ और भी नाम सामने आए हैं। आरोपितों की संख्या बढ़ सकती है।

- प्रशांत अग्रवाल, एसएसपी, रायपुर

Posted By: Pramod Sahu

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