रायपुर। Raipur News : कार्तिक मास की बैकुंठ चतुर्दशी एवं पूर्णिमा पर स्नान और दीपदान का शास्त्रों में विशेष महत्व है। इस मान्यता के चलते छत्तीसगढ़ प्रांतीय अखंड ब्राह्मण समाज के सदस्यों द्वारा 29 नवंबर को सुबह छह बजे से 7.30 बजे तक खारुन नदी में दीपदान किया जाएगा। खारुन नदी तट पर श्रद्धालु सुबह छह बजे से दीपदान के लिए पहुंचना शुरू हो जाएंगे। नदी में स्नान के बाद श्रद्धालु दोने में दीप प्रज्वलित कर उसे नदी में प्रवाहित करेंगे। इसके बाद श्रद्धालु हटकेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर भोलेशंकर की पूजा अर्चना करेंगे।

स्नान-दान का पुण्य दस यज्ञ के बराबर

प्रांतीय अखंड ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष पंडित योगेश तिवारी ने बताया कि पुराणों के अनुसार इस दिन किए गए दान, स्नान और जप का दस यज्ञों के समान फल प्राप्त होता है। इस दिन अगर कृत्तिका नक्षत्र हो, तो यह महाकार्तिकी होती है। भरणी हो तो विशेष फल देती है और यदि रोहिणी हो तो इसका फल और भी बढ़ जाता है। जो व्यक्ति पूरे कार्तिक मास स्नान करते हैं, उनका नियम कार्तिक पूर्णिमा को पूरा हो जाता है।

कार्तिक पूर्णिमा के दिन श्री सत्यनारायण व्रत की कथा सुनी जाती है। शाम के समय मंदिरों, चौराहों, पीपल के वृक्षों तथा तुलसी के पौधों के पास दीप जलाए जाते हैं और नदियों में दीपदान किया जाता है। इसे देव दीपावली भी कहा जाता है।

1001 दीप दान होंगे

प्रांतीय अखंड ब्राह्मण समाज की कार्यकारी अध्यक्ष भारती किरण शर्मा ने बताया कि 1001 दीप दान किए जाएंगे। समाज की प्रदेश सचिव प्रीति शुक्ला और विप्र जागरण प्रकोष्ठ प्रदेश संयोजक पंडित मेघराज तिवारी, निशा तिवारी ने समाज के लोगों से अधिकाधिक संख्या में शामिल होने और घर से मिट्टी का दीया, तेल लाने की अपील की है।

Posted By: Shashank.bajpai

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