रायपुर। राजधानी में पुलिस की ओर से चलाए जा रहे साइबर जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत एम्स में कार्यक्रम आयोजित कर चिकित्सकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और छात्रों को साइबर धोखाधड़ी से बचने के विभिन्न् उपाय बताए गए। साइबर एक्सपर्ट का कहना था कि अनजान काल, लिंक से बचें और लुभावने या डरावने आफर पर सतर्क हो जाएं।

रायपुर में रोजाना 25 से 30 साइबर धोखाधड़ी के केस पहुंच रहे पुलिस के पास

कार्यक्रम में एडिशनल एसपी डीसी पटेल ने कहा कि रायपुर में प्रतिदिन 25 से 30 साइबर धोखाधड़ी के केस पुलिस तक पहुंच रहे हैं। धोखाधड़ी को अंजाम देने वाले ज्यादातर शातिरों का ठिकाना झारखंड, राजस्थान, नोएडा या चेन्न्ई में मिलता है। पुलिस इन मामलों का खुलासा करने में लगी है पर आम लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने अनजान नंबर से आने वाली काल के प्रति सतर्क रहने, केबीसी या ऐसे ही किसी मिलते जुलते आफर से सावधान रहने और वाट्सएप पर अनजान लिंक क्लिक न करने की सलाह दी। कार्यक्रम में एम्स के निदेशक प्रो. (डा.) नितिन एम. नागरकर और उप-निदेशक (प्रशासन) अंशुमान गुप्ता, एम्स की सुरक्षा अधिकारी उपासना सिंह आदि मौजूद थे।

सोच समझकर डाउनलोड करें एप

साइबर एक्सपर्ट गौरव तिवारी का कहना था कि कोई भी थर्ड पार्टी एप सोच समझकर ही डाउनलोड करें। इसके साथ ही सेक्सटार्शन संबंधी मामलों में फेसबुक और वाट्सएप पर वीडियो काल की जाती हैं। अनजान लोगों से वीडियो काल पर बात न करें। इसका बाद में दुरूपयोग किया जा सकता है। इसके साथ ही वाट्सएप पर फेक डीपी लगाकर लोगों से पैसे मांगने के मामलों पर भी उन्होंने सचेत किया। उनका कहना था कि इस प्रकार की धोखाधड़ी करने वाले ज्यादातर कोई लुभावना आफर देने की कोशिश करेंगे या डराने की कोशिश करेंगे। जल्दबाजी में कोई भी कदम उठाने से बचे। उन्होंने साइबर अपराध की जानकारी फोन नंबर 1930 या 0771-4247109 पर देने का अनुरोध किया।

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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