रायपुर, राज्य ब्यूरो। Bengal Violence: पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम आने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या के विरोध में छत्तीसगढ़ भाजपा ने प्रदेशभर में आंदोलन किया। अपने घरों के सामने भाजपा नेताओं ने तख्तियां लेकर विरोध किया और ममता बनर्जी सरकार को कठघरे में खड़ा किया।

भाजपा नेताओं ने हाथ में पोस्टर लेकर कहा- तृणमूल की जीत नहीं, ये तो उन्माद है। रोता है शांति निकेतन, खेल रही क्यों आग है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने जशपुर में अपने घर के सामने पत्नी के साथ प्रदर्शन किया। साय ने कहा कि दीदी ने अपने नाम में ममतामयी शब्द को आग लगाकर पूरे समाज को जैसे हिंसा की आग में झोंक दिया है। उनकी यह हरकत माफी के लायक नहीं है।

साय ने कहा कि क्या खूब खेला हो रहा है। भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या तृणमूल के गुंडे कर रहे हैं, उसे पूरा देश देख रहा है। ममता बनर्जी की पार्टी जो खेला कर रही है, उससे उनकी पार्टी का नाम तृणमूल कांग्रेस की जगह टेरर मांगे कांग्रेस रख लेना चाहिए।

भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा. रमन सिंह ने रायपुर में प्रदर्शन किया। उनके साथ पूर्व मंत्री रामविचार नेताम, राजेश मूणत और पूर्व सांसद अभिषेक सिंह थे। डा. रमन ने कहा कि हिंसा का तांडव प्रजातंत्र के इतिहास का सबसे कलंकित करने वाला अध्याय और दिन है। गरीब भाजपा कार्यकर्ताओं के घरों और झोपड़ियों को तोड़कर नष्ट किया जा रहा है। भाजपा कार्यालयों को आग के हवाले किया जा रहा है।

धरना आंदोलन का उद्देश्य यही है कि सबसे पहले बंगाल में हिंसा का दौर समाप्त हो। हिंसा में संलिप्त लोगों के खिलाफ हत्या की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज हो। तृणमूल कांग्रेस के गुंडों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। डा. सिंह अपने धरने में 'लोकतंत्र में राजनीतिक हिंसा की ये कैसी आजादी है, हर ओर हिंसा का मंजर है और सत्ता में उन्मादी है' लिखी हुई तख्ती लेकर बैठे थे।

पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कहा कि जिन लोगों को बंगाल में माताओं, बहनों की चीख पुकार सत्ता में बैठकर सुनाई नहीं देती है, वो लोग ही ऐसी हिमाकत कर सकते हैं। सत्ता में आने के बाद लोगों की हत्या करने से पता चलता है कि बंगाल में जंगलराज है। राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि आखिर क्या अगले पांच वर्ष तक बंगाल में इसलिए ममता सरकार आई है कि प्रजातांत्रिक देश में कोई भी व्यक्ति सत्ता के खिलाफ नहीं बोल सके।

विपक्ष के लोगों का जड़ से सफाया कर दिया जाए। ममता प्रदेश के साथ देश को भी खतरे में डाल रहीं हैं। हिंसा, अराजकता, अत्याचार और अनाचार की आग में आज बंगाल जल रहा है। जीत के नशे में चूर तृणमूल के कार्यकर्ता लोकतंत्र की धज्जियां उड़ा रहे हैं।

राज्यपाल और चुनाव आयोग मामले का ले संज्ञान

पूर्व मंत्री व विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि लोकतंत्र के पर्व के बाद यह लोकतंत्र की हत्या है। विजय से विनम्रता आती है, लेकिन ममता में नम्रता नहीं आई। चुनाव के दौरान लगभग 150 कार्यकर्ताओं की हत्या हुई। उन्होंने राज्यपाल व चुनाव आयोग से इस पर संज्ञान लेकर कार्रवाई करने की मांग की है। पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने भी भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले की निंदा की है। भाजपा शहर जिला अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी ने कहा कि बंगाल ने देश के सामने का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिससे प्रजातंत्र की नींव हिल गई है।

कार्यकर्ताओं पर नहीं, लोकतंत्र की आस्था पर हमला

भाजपा प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने कहा कि यह हमला भाजपा कार्यकर्ताओं पर नहीं बल्कि लोकतंत्र की आस्था पर है। उन्होंने मांग की है कि टीएमसी के गुंडों को सलाखों के पीछे डाला जाय। उन्होंने बंगाल में हमलों में मृतक भाजपा कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि दी।

भाजपा ओबीसी सेल के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सोनी ने कहा कि बंगाल को बदलापुर बनाने वाली ममता, डर के साए में जी रही है तुम्हारी जनता। सत्ता आते ही दिखाया असली रूप। कांकेर सांसद मोहन मंडावी ने कहा कि राहुल को अमेठी से भगाया, ममता को नंदीग्राम से, यूं ही गीदड़ इकट्ठे नहीं होते, मोदी के नाम से।

Posted By: Azmat Ali

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