रायपुर। राज्य ब्यूरो। Bhanupratappur by election 2022: भानुप्रतापपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए पांच दिसंबर को मतदान चल रहा है। यहां कांग्रेस और भाजपा के अलावा सर्व आदिवासी समाज की तरफ से प्रत्याशी उतारने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद प्रत्याशी घर-घर दस्तक दे रहे हैं। उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी ब्रम्हानंद नेताम की झारखंड पुलिस तलाश कर रही है। वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी सावित्री मंडावी को सहानुभूति लहर और सरकार के काम का सहारा है। सर्वआदिवासी समाज की तरफ से रिटायर्ड पुलिस अधिकारी अकबर राम कोर्राम मैदान में हैं।

राज्य सरकार ने विधेयक लाकर आदिवासियों के आरक्षण को 32 प्रतिशत कर दिया है। ऐसे में यह देखना रोचक होगा कि सरकार के विधेयक का असर चुनाव परिणाम पर कितना पड़ता है। विधानसभा उपाध्यक्ष मनोज मंडावी के निधन के बाद भानुप्रतापपुर में हो रहे उपचुनाव में कांग्रेस और भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी है। चुनाव में आदवासी आरक्षण सबसे बड़ा मुद्दा था।

चुनाव प्रचार के बीच में भाजपा प्रत्याशी ब्रम्हानंद नेताम पर झारखंड में दर्ज मामले में पुलिस के पहुंचने के बाद राजनीतिक गरमा-गरमी का माहौल देखने को मिला। कांग्रेस ने विधानसभा को पांच सेक्टर में बांटकर 32 विधायकों को चुनाव संचालन की जिम्मेदारी दी है। वहीं भाजपा ने पांच मंडल में बांटकर वरिष्ठ नेताओं के सहारे प्रचार अभियान को पूरा किया है। यहां वर्ष 2013 में 79.26 प्रतिशत, वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में 77.25 प्रतिशत मतदान हुआ था। जबकि 2019 के लोकसभा चुनाव में 71.09 प्रतिशत वोट पड़े थे।

सरकार के काम के दम पर मिलेगी जीत: मरकाम

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि कांग्रेस सरकार के पिछले चार साल के काम के दम पर प्रत्याशी सावित्री मंडावी को जीत मिलेगी। बस्तर में शिक्षा के प्रसार के साथ सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने का काम कांग्रेस सरकार ने किया। आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों, जिसे भाजपा की रमन सरकार ने वंचित कर दिया था, उसे कांग्रेस सरकार ने बहाल किया। जेल में बंद आदिवासियों की रिहाई के लिए जस्टिस पटनायक कमेटी बनाई गयी। लोहंडीगुड़ा के आदिवासियों की जमीनों को वापस कर सरकार ने भरोसे की जो नींव रखी थी, वह पिछले चार सालों में और मजबूत हुई है।

जनता परिवर्तन चाहती है: अरुण

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने कहा कि एक ओर आज सारा देश भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट होकर लड़ाई लड़ रहा है, तो दूसरी ओर प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भ्रष्टाचारियों के साथ खड़े दिख रहे हैं। संवैधानिक संस्थाओं की कार्रवाई पर प्रश्न उठा रहे हैं। ऐसी सरकार के खिलाफ भानुप्रतापपुर के मतदाता वोट करके सबक सिखाएंगे। यहां की जनता बदलाव चाहती है। राज्य सरकार आदिवासियों को आरक्षण के नाम पर गुमराह कर रही है।

सात प्रत्याशी हैं मैदान में

भाजपा से ब्रम्हानंद नेताम, कांग्रेस से सावित्री मंडावी, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से घनश्याम जुर्री, राष्ट्रीय जनसभा पार्टी से डायमंड नेताम, आंबेडकराईट पार्टी से शिवलाल पुड़ो, निर्दलीय अकबर राम कोर्राम और दिनेश कुमार कल्लों मैदान में हैं।

फैक्ट फाइल

1,95,678 - कुल वोटर

95,186 - पुरुष मतदाता

1,00491 - महिला मतदाता

256 - कुल बूथ

17 - अतिसंवेदनशील बूथ

82- संवेदनशील बूथ

23 - राजनीतिक संवेदनशील बूथ

265 - मतदान दल

30 - सेक्टर आफिसर

5514 वोटर बढ़ गए 2018 की तुलना में

855-दिव्यांग मतदाता

3490 वोटर पहली बार करेंगे मतदान

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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