रायपुर। छत्तीसगढ़ में बूथ स्तर के संगठन चुनाव के बाद अब भाजपा मंडल अध्यक्षों के चुनाव कराने जा रही है। 11 अक्टूबर से मंडल अध्यक्ष और कार्यकारिणी का चुनाव होगा। इसको लेकर प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक गुस्र्वार को कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में होगी। इस बैठक में सदस्यता प्रभारियों के साथ भी मंथन किया जाएगा।

बैठक में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, संगठन चुनाव प्रभारी रामप्रताप सिंह, सह प्रभारी विष्णुदेव साय व सक्रिय सदस्यता संयोजक गौरीशंकर अग्रवाल सहित जिलाध्यक्ष, जिला चुनाव अधिकारी, जिला सह-चुनाव अधिकारी व जिला सक्रिय सदस्यता संयोजक शामिल होंगे।

छत्तीसगढ़ में भाजपा के 308 मंडल हैं, जिसमें एक महीने तक चुनाव चलेगा। बूथ स्तर के वरिष्ठ पदाधिकारियों को मंडल की टीम में शामिल किया जाता है। संगठन चुनाव के साथ नगरीय निकाय चुनाव पर भी मंथन किया जाएगा। निकाय चुनाव से पहले पार्टी कांग्रेस सरकार को घेरने के लिए मुद्दे पर भी चर्चा करेगी। नगरीय निकाय चुनाव से पहले प्रदेशभर में अतिथि शिक्षकों और गोठाने में चारे के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी है। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि कांग्रेस सरकार की नीति युवा विरोधी है।

यही कारण है कि अतिथि शिक्षकों को नौकरी से निकालकर उनके सामने रोजी-रोटी के संकट खड़ा किया जा रहा है। अतिथि शिक्षकों की मांग जायज है, जिसे जल्द ही पूरा किया जाना चाहिए। बस्तर से लेकर सरगुजा तक कार्यरत ऐसे अतिथि शिक्षकों के मसले पर कांग्रेस सरकार को जल्द ही फैसला लेना चाहिए। समय रहते मांग पूरी नहीं की गई तो इस मुद्दे को वे विधानसभा में बड़े जोर-शोर से उठाएंगे।

गोठान के लिए चारे का इंतजाम करे सरकार

किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पूनम चंद्राकर ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा गोवर्धन पूजा को गौठान दिवस के रूप में मनाने की घोषणा पर तंज कसा है। चंद्राकर ने कहा कि ऐसा करके सांस्कृतिक, पौराणिक और छत्तीसगढ़ के लोक-जीवन में रचे-बसे गोवर्धन पूजन की गरिमा और महत्ता का भी मुख्यमंत्री बघेल राजनीतिकरण कर रहे हैं। गोवर्धन पूजा का छत्तीसगढ़ की लोक-संस्कृति से गहरा जुड़ाव है। मुख्यमंत्री को यदि इतनी चिंता है तो उन्हें गोठान दिवस के लिए कोई और मौका तलाश करना चाहिए था। बघेल प्रदेश के गोठानों की दशा तो सुधार लें, फिर गोठान दिवस मनाए।