रायपुर। राज्य ब्यूरो। Unemployment Rate: छत्‍तीसगढ़ में बीते पौने चार साल में कई ऐसे नवाचार हुए, जिनसे शहर से लेकर गांव तक हर हाथ को काम देने का प्रयास किया गया। इससे राज्य के 99.90 फीसद लोग किसी न किसी रोजगार से जुड़ चुकेहैं। इसके साथ ही राज्य में बेरोजगारी दर सितंबर में न्यूनतम स्तर 0.1 प्रतिशत पर पहुंच गई है। सेंटर फार मानिटरिंग इंडियन इकोनामी (सीएमआइई) की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, यह देश में सबसे कम बेरोजगारी दर है। सितंबर में देश में बेरोजगारी दर 6.43 प्रतिशत रही। देश के शहरी क्षेत्रों में 7.70 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में आंकड़ा 5.84 प्रतिशत रहा।

देश में 6.43 फीसद रहा बेरोजगारी का आंकड़ा

सीएमआइई की रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में 0.4 प्रतिशत के साथ असम दूसरे स्थान पर है, जबकि उत्तराखंड 0.5 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर है। मध्य प्रदेश में यह आंकड़ा 0.9 प्रतिशत और गुजरात में 1.6 प्रतिशत है। सितंबर 2022 में सर्वाधिक बेरोजगारी दर के मामले में राजस्थान शीर्ष पर है। यहां 23.8 प्रतिशत बेरोजगारी दर दर्ज की गई है। जम्मू एवं काश्मीर में 23.2 प्रतिशत और हरियाणा में 22.9 प्रतिशत बेरोजगारी दर बताई गई है। त्रिपुरा में 17.0 प्रतिशत और झारखंड में 12.2 प्रतिशत बेरोजगारी दर दर्ज की गई है।

इसलिए मिले रोजगार

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने समावेशी विकास के लक्ष्य के साथ काम करना शुरू किया। महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज्य की परिकल्पना के साथ गांवों की आर्थिक सुदृढ़ीकरण की दिशा में नवाचार किए गए। इसमें सुराजी गांव योजना के अंतर्गत नरवा, गरुवा, घुरवा और बाड़ी कार्यक्रम ने महती भूमिका निभाई, तो गोधन न्याय योजना के साथ गोठानों को रुरल इंडस्ट्रियल पार्क के तौर पर विकसित किया गया।

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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