रायपुर, नईदुनिया, राज्य ब्यूरो। छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव बैलेट पेपर की बजाए ईवीएम से कराने समेत अन्य मांगों को लेकर भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को राज्य के मुख्य चुनाव आयुक्त से मिला। इस दौरान पार्टी ने वार्डों के परिसीमन में नियम के उल्लंघन का भी आरोप लगाया। भाजपा नेताओं ने अपनी मांगों को संबंध में राज्य के मुख्य चुनाव आयुक्त ठाकुर राम सिंह को ज्ञापन भी सौंपा है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष विक्रम उसेंडी के नेतृत्व निर्वाचन आयुक्त को ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, सांसद सुनील सोनी और भाजपा के नगरी निकाय चुनाव के प्रदेश प्रभारी अमर अग्रवाल सहित कई नेता शामिल थे।

पत्रकारों से चर्चा करते हुए प्रदेश अध्यक्ष और भाजपा नगरीय निकाय चुनाव समिति के अध्यक्ष अग्रवाल ने बताया कि चार बिंदुओं पर ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की गई है। इसमें मतदाता सूची के लिए दावा आपत्ति की तिथि 16 सितंबर तक के समय को बढ़ाने की मांग की गई है। इसके साथ ही मतदाता सूची के भौतिक सत्यापन की भी मांग की गई है। उन्होंने बताया कि बैलेट पेपर से चुनाव कराने की बात सामने आई है, जिस पर बात की गई है कि बैलेट पर असुविधा होती है हम अपग्रेड हो इसलिए ईवीएम से चुनाव होना चाहिए।

इसके साथ ही वार्डो के परिसीमन पर नगर निगम के अधिनियम धारा 10 में उल्लेख है कि परिसीमन राज्यों की आबादी के बराबर और भौगोलिक स्थिति को ध्यान रख कर किया जाना चाहिए, लेकिन प्रदेश में जो हुआ है वह धारा 10 के नियमों का उल्लंघन किया गया है। यहां धारा 10 के अनुसार ही परिसीमन की मांग की गई है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि निर्वाचन हमारी मांगों पर ध्यान दें ध्यान नहीं दिए जाने पर कानूनी प्रावधान के तहत आगे लड़ाई लड़ी जाएगी।

कांग्रेस बोली- हार के बहाने खोज रही भाजपा

नकाय चुनाव ईवीएम से कराने की मांग पर कांग्रेस का कहना है कि भाजपा अभी से हार के बहाने खोज रही है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने तंज कसते हुए कहा है कि निकाय चुनाव ईवीएम से होंगे या बैलेट पेपर से, यह अभी तय नहीं हुआ है। बैलेट पेपर से चुनाव होने की चर्चा मात्र से भाजपा के लोग तिलमिला गई है। इससे साफ हो गया है कि भाजपा की जान ईवीएम में बसती है। चुनाव के लिए कौन सा तरीका अपनाया जाएगा, यह फैसला लेने का अधिकार निर्वाचन पदाधिकारी का है। शुक्ला का कहना है कि भाजपा जब केंद्र में विपक्ष में थी, तब ईवीएम का विरोध करती थी। मोदी सरकार आने के बाद से अचानक ईवीएम की समर्थक बन गई।

मांगों पर विचार किया जाएगा

इस मामले में राज्य निर्वाचन आयुक्त ठाकुर राम सिंह ने कहा कि भाजपा की तरफ से चुनाव संबंधित मांग की गई है, तिथि बढ़ाने की मांग है। परिसीमन को लेकर बात भी सामने आई है। सभी बिंदुओं को देखकर विचार किया जाएगा। सभी जगहों पर टीम बैठी है, कॉम्युनिकेशन के साधन हैं, दिक्कत की कोई बात नहीं है।