जगदलपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर प्रदेश की पूर्ववर्ती भाजपा सरकार पर नक्सलवाद के नाम पर आदिवासियों को प्रताड़ित करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि 15 साल के कार्यकाल में भाजपा सरकार ने आदिवासियों पर फर्जी केस बनाकर जेल में ठूंसने का काम किया। पहले यही जवान आदिवासियों को नक्सली समझते थे। आज इनका एक दूसरे के प्रति व्यवहार बदल गया है। आज बस्तर बदल रहा है। बस्तर में शांति और विकास की बयार बह रही है। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद एक भी फर्जी एनकाउंटर नहीं हो रहा है।

दो दिन के बस्तर प्रवास पर बुधवार को बकावंड विकासखंड के ग्राम गिरोला में आयोजित सिरहा, गुनिया, गायता, पुजारी, मांझी, बाजा-मोहरिया, आठ पहरिया, राजीव युवा मितान क्लब, गोठान समिति और पंचायती राज प्रतिनिधियों द्वारा आयोेजित सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए भूपेश बघेल ने यह बातें कही। उन्होंने कहा कि पुलिस के जवान ग्रामीणों के साथ कंधा से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं। बीते साल में बस्तर में सबसे कम हिंसा की घटनाएं हुई हैं। इसके लिए पुलिस के अधिकारियों और जवानों और बस्तरवासियों को बधाई। आज बस्तर की संस्कृति की चर्चा देश और दुनिया में फिर से हो रही है। नक्सली घटना बीते दिनों की बात हो गई है। प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने डेढ़ दशक से बंद स्कूलों को खोलने का काम किया है। जनता का विश्वास दोबारा जीता है। सभा में मुख्यमंत्री ने बकावंड विकासखंड के ग्राम बजावंड में जिला सहकारी बैंक की शाखा का वर्चुअल शुभारंभ किया।

विधायक लखेश्वर ने जो मांगा मुख्यमंत्री ने दिया

बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल की मांग पर क्षेत्र के विकास के लिए मुख्यमंत्री ने अनेक घोषणाएं की। उन्होंने बकावंड विकासखंड में ग्राम गिरोला से बेतझरन तूताबेड़ा तक सड़क डामरीकरण, बकावंड व बस्तर में 50-50 सीटर बालक एवं बालिका पोस्ट मैट्रिक छात्रावास के निर्माण, बकावंड व जैतगिरी मेें शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल के लिए नवीन भवन, जैतगिरी में उप स्वास्थ्य केंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन करने, प्राकृतिक पर्यटन स्थल बेतझरन, डुरकाबेड़ा और प्राकृतिक जलकुंड तोंगकोंगेरा के विस्तारीकरण और सुंदरीकरण की घोषणा की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बस्तर जिले के लिए करीब 131 करोड़ 61 लाख रुपये की लागत के विभिन्ना 98 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया।

महुआ फेंक रहे थे, हमने कीमत बढ़ाई

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले बस्तर में लोग महुआ सड़कों पर फेंकने के लिए बाध्य हो रहे थे, हमने लाकडाउन के दौरान 30 रुपए किलो में महुआ और 31 रुपए किलो में इमली की खरीदी की। बस्तर में 65 प्रकार की लघु वन उपजों की समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा रही है। सभा में बस्तर विकासखंड के ग्राम नदी सागर के लिए एटीएम वैन को झंडी दिखाकर रवाना किया। वहीं मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र, देवगुड़ी व मातागुड़ियों को सामुदायिक वन अधिकार मान्यता पत्र, वन अधिकार पट्टाधारी किसानों को केसीसी के तहत ऋण प्रदाय किया।

टीबी मुक्त बस्तर अभियान के तहत मरीजों को अतिरिक्त पोषण आहार का शुभारंभ, माटी कला बोर्ड द्वारा कुम्हारी कार्य के लिए इलेक्ट्रिक चाक, स्कूली विद्यार्थियों को सामाजिक प्रास्थिति पत्र का वितरण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल माता हिंगलाजिन देवी के मंदिर आया था, तब गायता, पुजारियों ने मांझी, चालाकी की तरह मानदेय प्रदान करने की मांग की थी। उन्हें भी राज्य सरकार द्वारा राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत सालाना 7000 हजार रुपए की सहायता दी जा रही है।

Posted By: Vinita Sinha

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