रायपुर (राज्य ब्यूरो)। छत्‍तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से करीब 15 किमी दूर नवा रायपुर स्थित मंत्रालय भवन में नौ करोड़ रुपये की लागत से आडिटोरियम निर्माण को लेकर भाजपा ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। पार्टी का आरोप है कि आडिटोरियम का काम करीब एक साल से चल रहा है। 13 करोड़ रुपये का भुगतान भी कर दिया गया है। अब जो टेंडर जारी किया गया, वह केवल एक हाल के निर्माण के लिए है।

अकलतरा सीट से भाजपा विधायक सौरभ सिंह ने शनिवार को आडिटोरियाम को लेकर दो ट्वीट किया है। एक में आडिटोरियम की डिजाइन ट्वीट करते हुए लिखा है कि ये काम पूर्ण हुए एक साल हो गया है। 13 करोड़ रुपये का भुगतान भी हो गया है। अब रेड मार्क वाले हाल का टेंडर निकला है, जिसका न तो बजट है न ही प्रशासकीय स्वीकृति। दूसरे ट्वीट में सिंह ने वहां महंगे आडिटोरियम के निर्माण पर ही सवाल उठाया है। इस मामले में प्रदेश भाजपा समेत पार्टी के कुछ अन्य नेता भी सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं।

बता दें कि नवा रायपुर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) ने मंत्रालय की पांचवीं मंजिल पर आडिटोरियम बनाने के लिए टेंडर जारी किया है। इसके लिए एनआरडीए 28 हजार रुपये प्रति वर्गफीट तक भुगतान करने को तैयार है। यही वजह है कि इसको लेकर सवाल उठाए जा रहे हैंं।

सात की जगह 15 दिन बढ़ना चाहिए धान खरीदीः बृजमोहन

भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री के 7 दिन धान खरीदी बढ़ाने की घोषणा पर चुटकी लेते हुए कहा है कि सरकार वही करती है जो हम कहते हैं लेकिन समय पर नहीं करती है, जिसके कारण धोखा खाती है। उन्होंने कहा कि धान खरीदी 7 दिन नहीं बल्कि 15 दिन बढ़ाया जाना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि श्री अग्रवाल पिछले कई दिनों से प्रदेश में हुई असमय बारिश से किसानों के धान भीगने तथा उनके रजिस्ट्रेशन होने में गड़बड़ी और कम्प्यूटर से किसानों का नाम डिलीट होने के साथ उनके टोकन में गड़बड़ी की शिकायत पर लगातार धान खरीदी को एक महीने बढ़ाने की बात कर रहे हैं। आज अचानक मुख्यमंत्री की ओर से धान खरीदी एक हफ्ते बढ़ाने की घोषणा हुई है।

Posted By: Kadir Khan

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