रायपुर। Chhattisgarh Political News: छत्‍तीसगढ़ के भानुप्रतापपुर उपचुनाव में भाजपा के प्रत्याशी ब्रह्मानंद नेताम को गिरफ्तार करने झारखंड पुलिस छत्तीसगढ़ में पहुंची है। इसे लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा है। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के ही नेताओं ने चुनौती दी थी कि ब्रह्मानंद की गिरफ्तारी की जाए और अब जब झारखंड की पुलिस अपना काम कर रही है तो हाय तौबा मचा रहे हैं ऐसा क्यों कर रहे हैं?

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री डा रमन सिंह ने पलटवार किया है। डा सिंह ने कहा कि भानुप्रतापपुर में आदिवासी नेता और भाजपा के प्रत्याशी ब्रह्मानंद नेताओं के पक्ष में अच्छा माहौल बना हुआ था इसीलिए उनके खिलाफ षड्यंत्र किया गया। उन्होंने प्रश्न उठाया कि तीन वर्ष से जिस ब्रह्मानंद को एक भी समन तक जारी नहीं किया गया, ना ही नोटिस जारी की गई। अचानक इस तरह से गिरफ्तारी के लिए प्रयास करना एक साजिश है।

इस मामले पर मीडिया को अपना बयान देते हुए उपचुनाव प्रभारी बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि तीन साल से इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। मोहन मरकाम जी द्वारा पीड़िता का नाम उजागर करना, इस प्रकार गिरफ्तारी का मामला सामने आना, चुनाव में प्रत्याशी के खिलाफ कार्रवाई करना; लोकतंत्र की हत्या है। भाजपा इससे डरने वाली नहीं है। अगर हमारे प्रत्याशी को जेल हुई फिर भी यहां की जनता व कार्यकर्ता मिल कर ब्रम्हानंद नेताम को चुनाव जिताएगी।

बृजमोहन अग्रवाल ने सरकार के ऊपर आरोप लगाते हुए कहा कि इस आरोप का न ही कोई समन न कोई आदेश जारी हुआ। अचानक से आरोप लगा दिए गए और आज गिरफ्तारी भूपेश बघेल की घबराहट को साफ जाहिर करती है। उन्हें हार की आशंका लगातार सता रही है जिस कारण वो इस प्रकार हरकत अपने पड़ोसी राज्य के साथ मिलकर कर रहे है। जिस दिन से हमने ब्रम्हानंद नेताम को अपना प्रत्याशी घोषित किया है उसी दिन से पूरी कांग्रेस सरकार हिल गयी। पहले दिन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने जब ये आरोप लगाते हुए बयान व कागजात जारी किए, तभी से यह समझ में आ गया था कि यह छत्तीसगढ़ सरकार और झारखंड सरकार की मिलीभगत है।

बृजमोहन अग्रवाल ने आगे यह भी कहा कि, इस सरकार ने आदिवासी समाज के एक भोले-भाले नेता के ऊपर आरोप लगाकर तथा चुनावी माहौल में उसकी गिरफ्तारी के कुत्सित प्रयास कर, पूरे आदिवासी समाज को अपमानित करने काम किया है। इतना ही नहीं, भूपेश सरकार ने अम्बेडकराइट पार्टी के आदिवासी समाज के प्रत्याशी का अपहरण कर उसपर दबाव बनाने की कोशिश की। सरकार अपने आप को हार से को बचाने के लिए ये सारे आड़े-टेढ़े प्रयास कर रही है, पर इन्हें हार से कोई नहीं बचा सकता।

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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