रायपुर (राज्य ब्यूरो) किसानों के धान नहीं खरीदने पर भाजपा ने सरकार पर निशाना साधा है। पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने कहा कि धान खरीदी केंद्रों में पाखड़ (भीगा) धान की खरीदी से मना किया जाना प्रदेश सरकार के किसान विरोधी रवैए का परिचायक है। भाजपा मांग करती है कि प्रदेश सरकार किसानों का पूरा धान अपने मापदंडों को शिथिल करके खरीदे। साथ ही अपनी हठवादिता के पाप का प्रायश्चित कर किसानों को राहत प्रदान करे।

डा. सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार मैदानी स्तर पर काम कर रही समितियों और किसानों में टकराव पैदा करके वातावरण को अराजक बनाने का काम कर रही है। धमतरी के भखारा क्षेत्र के धान खरीदी केंद्र कुरमातराई का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां किसानों का पाखड़ धान खरीदने से समिति के लोगों व अधिकारियों-कर्मचारियों ने मना करके किसानों की प्रताड़ना का काम किया है। धान खरीदी एक नवंबर से शुरू होती तो किसानों की फसल बर्बाद नहीं होती।

डा. रमन ने कहा कि सत्तावादी अहंकार में चूर प्रदेश सरकार किसानों के प्रति पूरी तरह संवेदनहीन हो चली है। अपनी जिद के चलते किसानों को हलाकान कर दिया। दूसरे प्रदेश में जाकर छत्तीसगढ़ का खजाना अपनी पैतृक संपदा मानकर लुटाने की ओछी राजनीति करने में मशगूल मुख्यमंत्री बघेल को छत्तीसगढ़ के किसानों की कोई फिक्र नहीं है।

वहीं, किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि अखिल भारतीय किसान संघ का आंदोलन प्रदेश सरकार के किसान विरोधी का प्रमाण है। किसानों के नाम पर सियासी नौटंकी कर रहे मुख्यमंत्री बघेल की कांग्रेस सरकार हर मोर्चे पर किसानों को प्रताड़ित कर रही है। प्रदेश सरकार किसान संघ की मांगों को पूरा करने की दिशा में तत्काल कारगर पहल करे और किसानों को परेशान करने से बाज आए।

कांग्रेसी सीएम की चिट्ठी का जवाब नहीं दे रहे बघेल : चौधरी

भाजपा के प्रदेश मंत्री ओपी चौधरी ने कहा है कि बात-बात पर केंद्र सरकार को चिठ्ठियां लिखकर अपनी कमजोरियों पर पर्दा डालने और केंद्र पर चिट्ठियों का जवाब नहीं देने की तोहमत लगाने वाले सीएम बघेल अब कांग्रेस शासित राज्य के मुख्यमंत्री के पत्र का भी जवाब नहीं दे रहे हैं। सीएम बघेल अपने तथाकथित छत्तीसगढ़ माडल से मोदी माडल को फेल करने के हसीन मुगालते में जीने और अपने मुंह मियां मिठ्ठू बनने का हास्यास्पद उपक्रम कर बड़बोले मुख्यमंत्री होते जा रहे हैं।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से शिकायत शिकायत में आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ सरकार राजस्थान को आवंटित कोयला ब्लाकों में खनन के लिए मंजूरी नहीं दी है। इसके राजस्थान के लिए चार हजार 340 मेगावाट बिजली उत्पादन ठप हो सकता है। गहलोत ने सीधे सोनिया गांधी को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है।

Posted By: Ravindra Thengdi

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