रायपुर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा आयोजित प्रेरणा समर कैंप का रंगारंग सांस्कृतिक कार्यकम के साथ समापन हुआ। समापन समारोह में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रदीप गुप्ता, एडीशनल कलेक्टर उज्जवल पोरवाल और क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित किए।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रदीप गुप्ता ने समर कैंप के लिए ब्रह्माकुमारी संस्थान की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय इसकी बहुत अधिक आवश्यकता है। बच्चों में अच्छे गुणों और संस्कारों का बीज बोने का यह सही समय है। इस समय उनके अंदर लचीलापन होता है। सच्चे अर्थों में व्यक्तित्व का निर्माण और जीवन को दिशा देने का काम इसी अवधि में हो सकता है। हम जैसा बनना चाहें वैसा अपने को बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि आजकल सोशल मीडिया में बच्चे अपना कीमती समय नष्ट कर रहे हैं। अभिभावक और शिक्षक चाहकर भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इसमें बच्चों में रचनात्मकता दिखाई देती है।

एडीशनल कलेक्टर उज्जवल पोरवाल ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बच्चों के चारित्रिक विकास में समर कैंप मददगार बनेगा। उन्हें एकाग्रता विकसित करने में राजयोग साधना सहायक सिद्घ होगा। योग हमें कर्म कुशल बनाता है। यह प्रतिस्पर्धा का जमाना है इसमें सिर्फ सफलता ही नहीं बल्कि असफलता को भी सहन करने की क्षमता हमारे अंदर होनी चाहिए। दुनिया में हर समस्या का समाधान है इसलिए कभी निराश नहीं होना चाहिए। उन्होंने बच्चों के लिए ऐसे कार्यक्रम बार-बार आयोजित करने की जरूरत बतलाई।

क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि बच्चों को सबसे ज्यादा प्रेरणा माता-पिता से मिलती है। उनको देखकर वह वैसा ही बनने का प्रयास करते हैं। ब्रह्माकुमारी संस्थान में आकर उन्होंने यह सीखा कि जो कर्म मैं करूंगी मुझे देखकर अन्य लोग करेंगे। इससे उन्हें अपने कर्मों पर बहुत अटेंशन बना रहता है। उन्होंने समारोह में उपस्थित माता-पिता से अनुरोध किया कि अपना समय टीवी और मोबाइल में व्यर्थ नष्ट करने की बजाय बच्चों के संग बांटें ताकि बच्चों को प्यार मिले और अपनापन पैदा हो। समारोह को ब्रह्माकुमारी स्मृति दीदी ने भी सम्बोधित किया।

इस अवसर पर कुछ बच्चों ने भी अपने संस्मरण सुनाए। नीलम साहू ने बताया कि वह तीसरी कक्षा में थी तब से ब्रह्माकुमारीज के समर कैंप में भाग ले रही है। राजयोग साधना से उसने एकाग्रता हासिल की। फलस्वरूप इस वर्ष दसवीं बोर्ड में उसने 94 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। चंचल जेठवानी ने बतलाया कि उसने अनेक समर कैंप अटेंड किए हैं, लेकिन जो लक्ष्य मैं प्राप्त करना चाहती थी वह ब्रह्माकुमारीज समर कैम्प में आकर मिली। एकाग्रता को बढ़ाने का तरीका यहाँ बतलाया गया। रूपेश कश्यप ने सुनाया कि राजयोग मेडिटेशन सभी बच्चों को सीखना चाहिए। इससे रिजल्ट पर अच्छा असर पड़ता है।

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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