रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। Breastfeeding Week 2021 Raipur News: जन्म के एक घंटे के भीतर नवजात को स्तनपान ना कराने की स्थिति में उनके मौत की आशंका 33 फीसद तक बढ़ जाती है। छह माह तक बच्चों को केवल स्तनपान कराने पर दस्त, निमोनिया जैसे अन्य बीमारियों में 15 फीसद तक कमी लाई जा सकती है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के अनुसार छत्तीसगढ़ में एक घंटे के अंदर स्तनपान की दर 47.1 फीसद है। यानी प्रदेश में एक घंटे के भीतर 53 फीसद नवजातों को स्तनपान नहीं कराया जाता है। जिस तरह से राज्य में बच्चों के मौत की दर सामने आ रही है।

चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मी और समुदायिक स्तर पर जागरूकता के लिए विश्व स्तनपान दिवस पर एक से सात अगस्त तक शिशुओं के स्तनपान को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक कोरोना के दिशा निर्देशों को ध्यान में रखते हुए जागरूकता कार्यक्रम में साबुन से बार-बार हाथ धोना, मास्क का उपयोग और पर्याप्त शारीरिक दूरी बनाए रखना शामिल है। जिला अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र और आंगनबाड़ी केंद्रों के अलावा आयोजन कर माताओं द्वारा बच्चों को स्तनपान कराने फायदे बताए जाएंगे।

स्तनपान से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम

चिकित्सा विशेषज्ञों ने बताया कि स्तनपान कराने वाली माताओं में स्तन कैंसर का जोखिम होता है। जन्म के एक घंटे के भीतर नवजात को स्तनपान प्रारंभ कर देना चाहिए। वहीं छह माह तक केवल स्तनपान ही कराया जाना चाहिए।इस बीच अतिरिक्त पानी भी नहीं देना चाहिए क्योंकि मां के दूध में शिशुओं की पर्याप्त मात्रा में पानी होता है। शिशु के छह माह पूरे होने के बाद ही उपरी आहार देना चाहिए। दो वर्ष पूरे होने तक स्तनपान जारी रखना चाहिए। इसलिए स्तनपान कराने में माताओं का सहयोग एवं स्तनपान को बढ़ावा दिया जाना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

डा. मीरा बघेल, सीएमएचओ, जिला-रायपुर ने कहा कि मां का दूध शिशु के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए महत्त्वपूर्ण है।। मां का दूध को पहला टीका का काम करता है। यह खुद में संपूर्ण आहार है, छह माह के बच्चों को डायरिया, निमोनिया और कुपोषण से बचाने और उनके शारीरिक विकास के लिए मां का दूध बेहद जरूरी है।सात दिनाो तक जिला स्तर पर स्तनपान कार्यक्रम चलाएं जाएंगे।

डा. वीआर भगत, राज्य बाल रोग एवं टीकाकरण अधिकारी ने बताया कि शिशुओं के लिए स्तनपान सर्वोत्तम आहार और मौलिक अधिकार है। जिन शिशुओं को एक घंटे के अंदर स्तनपान नहीं कराया जाता। उनमें मृत्यु दर की आशंका 33 फीसद तक बढ़ जाती है। राज्य में यह काफी अधिक देखा जा रहा है।माताएं बच्चों को स्तनपान कराएं। इससे बच्चों में मानसिक और शारीरिक वृद्धि होती है।

Posted By: Kadir Khan

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