रायपुर (राज्य ब्यूरो)। वित्तीय वर्ष 2022-23 का एक लाख 12 हजार 603 करोड़ 40 लाख रुपये विनियोग विधेयक मंगलवार को विधानसभा में ध्वनिमत से पारित हो गया। इसके साथ ही सरकार को बजट खर्च करने की सदन से अनुमति मिल गई। इस विधेयक पर सदन में करीब साढ़े पांच घंटे तक चली चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि हम जो कहते हैं, वो करते हैं।

उन्होंने कहा कि अभी डेढ़ वर्ष का समय है। जनता से किया अपना हर वादा पूरा करेंगे। बघेल ने बेहतर वित्तीय प्रबंधन के दम पर राज्य में इस वर्ष राजस्व सरप्लस रहने का दावा किया। इस दौरान उन्होंने सदस्यों की मांग पर पिपरिया, कुंडा, बचरापोड़ी, चलगली, हसौद और सरगांव में नई तहसील बनाने की घोषणा की।

बतौर वित्त मंत्री बघेल ने ही सदन में विनियोग विधेयक पेश किया था। इस चर्चा के दौरान विपक्ष ने अधूरे चुनावी वादों, कर्ज के बोझ और वित्तीय प्रबंधन को लेकर सरकार पर हमला किया। प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार को लेकर विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी पुलिस इसके खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है।

उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत राज्य सरकार केंद्र की किसान सम्मान निधि योजना में दी जाने वाली राशि छह हजार रुपये को बढ़ाकर सात हजार रुपये वार्षिक देगी। इस योजना का लाभ हमारी आदिवासी संस्कृति में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले मांझी, बैगा, गुनिया और पुजारी को भी मिलेगा। इसके साथ-साथ हाट पाहार्या व बाजा मोहरिया को भी इस योजना का समान लाभ दिया जाएगा।

समय से तीन दिन पहले खत्म हुआ बजट सत्र

बजट सत्र 25 मार्च तक चलना था, लेकिन तीन दिन पहले मंगलवार को ही खत्म हो गया। विधानसभा अध्यक्ष डा. चरणदास महंत ने कहा कि सत्र भले ही छोटा था, लेकिन सदस्यों ने समय का अधिकाधिक सदुपयोग किया। इससे राज्य की उन्न्ति और विकास से जुड़े सभी विषयों पर व्यापक और विस्तृत चर्चा हुई।

अवैध निर्माणों का नियमितीकरण हुआ आसान

छत्तीसगढ़ अनधिकृत विकास के नियमितीकरण (संशोधन) विधेयक को विधानसभा ने मंगलवार को पारित कर दिया। इसके साथ ही आवास, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, प्रभावशील भू-उपयोग आदि निर्माण कार्यों का नियमितीकरण कराना अब और अधिक आसान हो जाएगा। संशोधन विधेयक के अनुसार राज्य के निवेश क्षेत्र के अंतर्गत जहां भी अनियमित विकास हुए हैं, उन्हें नियमित कराया जा सकेगा। विधेयक में नियमितीकरण के प्रविधानों को पहले से अधिक शिथिल कर दिया गया है।

Posted By: Kadir Khan

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