रायपुर, राज्य ब्यूरो। Budget Session: विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को विपक्ष ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर जमकर हंगामा किया। भाजपा विधायकों ने प्रदेश में हत्या, दुराचार और अपहरण की घटना को लेकर स्थगन के माध्यम से चर्चा कराने की मांग की। इस पर सत्ता पक्ष की तरफ से भी पलटवार हुआ। इससे सदन में हंगामा बढ़ गया।

विवाद के बीच नेता प्रतिपक्ष समेत भाजपा के सभी विधायक वेल में पहुंच कर नारेबाजी करने लगे। इससे सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। दूसरी बार कार्यवाही शुरू हुई, लेकिन भाजपा विधायक सदन में नहीं आए। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के अनुपूरक बजट पेश करने के बाद अध्यक्ष डा. चरणदास महंत ने कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी।

सदन में पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने स्थगन को ग्राह्य करने की चर्चा के दौरान कहा कि इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या होगा कि राजनांदगांव जिले के मानपुर क्षेत्र में नक्सलियों ने 25 ग्रामीणों की सूची टांग रखी है। 15 साल में नहीं देखा कि पुलिस को नोटिस चस्पा करना पड़े कि ग्रामीण सुरक्षित स्थान पर जाएं। इस पर मंत्री अकबर ने टोका और कहा कि प्रदेश में झीरम से ज्यादा बड़ी घटना नहीं हुई।

रमन ने कहा कि आप कानून व्यवस्था की तुलना झीरम से कर रहे हैं, यह दुर्भाग्य है। अकबर ने कहा कि हम सीबीआइ जांच की मांग कर रहे हैं, लेकिन केंद्र अनुमति क्यों नहीं दे रही है। इसके बाद हंगामा शुरू हो गया और विधानसभा अध्यक्ष डा. चरणदास महंत ने स्थगन को अग्राह्य कर दिया।

इस बीच नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक बोलने के लिए उठे, लेकिन उनको मौका नहीं दिया गया। अध्यक्ष ने कहा कि मैं विषय से बाहर की चर्चा की अनुमति नहीं देता। इससे नाराज होकर पहले कौशिक फिर बाकी भाजपा विधायक वेल (गर्भगृह) में पहुंच गए। अध्यक्ष ने कहा कि विपक्षी सदस्य गर्भ गृह में आकर स्वयं निलंबित हो गए हैं। अत: वे सदन से बाहर चले जाएं। भाजपा विधायक नारेबाजी करते हुए विधानसभा परिसर में स्थित गांधी प्रतिमा के पास पहुंचे और वहां धरने पर बैठ गए।

आखिर किस बात की हो रही पर्दादारी: सीएम

चर्चा के दौरान विधायक शिवरतन शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के लोग जब इसी सदन में विपक्ष में थे, तो कहा करते थे कि हमारे पास झीरम कांड के गवाह हैं। अब तो आपकी सरकार है, बढ़ाइये कदम। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि झीरम मामले में हम अब भी गंभीर हैं। हमने एसआइटी का गठन किया। जांच शुरू कराई है। आप ही लोग हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक यह कहते हुए चले गए थे कि जांच एनआइए से हो न कि एसआइटी से। आखिर किस बात की पर्दादारी हो रही है। कौन सी बात को छिपाने की कोशिश हो रही है। एनआइए ने जांच रिपोर्ट सौंप दी है, फिर एसआइटी जांच को क्यों रोका जा रहा है।

505 करोड़ का अनुपूरक बजट

विपक्ष के हंगामा के बीच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए 505 करोड़ सात सौ रुपये का तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया। इस पर बुधवार को सदन में चर्चा होगी।

विपक्षी विधायकों ने यह कहा

शिवरतन शर्मा: प्रदेश में मुख्यमंत्री निवास और राजभवन के पास हत्याएं हो रही है। हत्या का वीडियो बनाकर उसे वाट्सएप और इंटरनेट मीडिया के माध्यमों में शेयर किया जा रहा है।

बृजमोहन अग्रवाल: सरकार का इकबाल होता है, पुलिस के जूतों की धमक होती है, लेकिन प्रदेश में माफिया राज चल रहा है। गांजे की तस्करी हो रही है। अरुणाचल प्रदेश की शराब छत्तीसगढ़ में बिक रही है। कहां है अरुणाचल प्रदेश का बार्डर।

अजय चंद्राकर: आम आदमी के जान की कीमत नहीं है। गाजर-मूली की तरह लोग काटे जा रहे हैं। अपराधियों को शासकीय संरक्षण है। प्रदेश साइबर ठगी का पसंदीदा स्थान बन गया है। एसपी-कलेक्टर की नियुक्ति ठेके पर होने लगी है। छत्तीसगढ़ टूटते सपनों का राज्य बन गया है।

नारायण चंदेल: प्रशासन का राजनीतिकरण और राजनीति का अपराधिकरण हो गया है।

धर्मजीत सिंह: अपराधियों को खौफ नहीं है। मुख्यमंत्री के क्षेत्र में चार लोगों की हत्या होती है, तो क्या सदन में चर्चा नहीं होनी चाहिए। इसमें भूमाफिया की संलिप्तता है। प्रदेश में हत्या एवं लूटपाट के साथ नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी हो रही है।

Posted By: Azmat Ali

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