रायपुर। कोरोना खत्म होते ही अब दूसरे सेक्टरों की तरह सराफा कारोबार की रफ्तार भी बढ़ने लगी है। तीन वर्ष पहले यानी 2019 में नवंबर से तुलना की जाए तो इस वर्ष नवंबर में प्रदेश में सराफा कारोबार में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

कारोबारियों का कहना है कि इसके पीछे सबसे बड़ी वजह है सोने की कीमतों का कम होना। इसके साथ ही शादी सीजन के चलते बाजार में सोने की मांग भी काफी बढ़ गई है। रायपुर सराफा एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हरख मालू ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार के प्रभाव से सोने की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। अभी शादी सीजन भी है और कीमतें कम होने के कारण खरीदारी का काफी अच्छा मौका है। संस्थानों में भी गहनों की नई रेंज उपलब्ध है।

26 नवंबर तक की स्थिति में प्रदेश में सराफा कारोबार

2019 50 करोड़

2020 15 करोड़

2021 25 करोड़

2022 70 करोड़

नवंबर में इतनी रहीं सोने की कीमतें

2019 38,500 रुपये प्रति दस ग्राम

2020 52,300 रुपये प्रति दस ग्राम

2021 49,800 रुपये प्रति दस ग्राम

2022 52,500 रुपये प्रति दस ग्राम

12 वर्षों में 34 हजार महंगा हुआ सोना-

वर्ष 2010 से लेकर अब तक सोना 34 हजार रुपये महंगा हुआ है। नवंबर 2010 में सोना 18,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था। वहीं नवंबर 2022 में सोना 52 हजार 500 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया है।

पखवाड़ेभर में 500 रुपये सोना सस्ता और चांदी 1,600 रुपये लुढ़की

अंतरराष्ट्रीय बाजार के प्रभाव से पखवाड़े भर में सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट आई है। सोना 500 रुपये सस्ता हुआ है और चांदी 1,600 रुपये लुढ़क गई है। पखवाड़े भर पहले 11 नवंबर को रायपुर सराफा में सोना 53,050 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जबकि 26 नवंबर को रायपुर सराफा में सोना 52,500 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। इसी प्रकार चांदी 60 हजार रुपये प्रति किलो है।

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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