रायपुर (राज्य ब्यूरो)। डिजिटल युग में भी प्रदेश के कई गांव नेटवर्क की दुनिया से बाहर हैं। प्रदेश में भारतनेट परियोजना के फेस-2 में सभी गांवों तक नेटवर्क का जाल बिछाने की कार्ययोजना बनी तो है, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई है। केंद्रीय दूरसंचार मंत्रालय सचिव के. राजारमन और प्रदेश के मुख्य सचिव अमिताभ जैन की भारतनेट परियोजना, 4जी सेचुरेशन और 5जी रोलआउट पर चर्चा हुई। इसमें राजारमन ने बताया कि जून 2023 तक 646 नए मोबाइल टावरों के माध्यम से प्रदेश के हर गांव तक नेटवर्क पहुंचाने का लक्ष्य है।

केंद्रीय सचिव राजारमन ने कहा कि छत्तीसगढ़ के 574 गांवों में कनेक्टिविटी दिया जाना शेष है। 4जी सेचुरेशन पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि देश में 25 हजार से अधिक गांवों में अभी नेटवर्क नहीं है। इनमें 1,431 गांव छत्तीसगढ़ के हैं। प्रदेश में प्राथमिकता के साथ 646 नए टावर लगाकर नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। राज्य में 5जी रोलआउट के लिए वर्तमान पालिसी को अपग्रेट किया जा रहा है। इससे 5जी को रोलआउट की तैयारी जैसे 5जी पोर्टल में फार्म को शामिल करना, माडल बिल्डिंग में इनबिल्डिंग विनिमयों में सालुशन को शामिल करना प्रमुख है।

छत्तीसगढ़ ने दिया यह सुझाव

मुख्य सचिव जैन ने बताया कि प्रदेश में बीएसएनएल के प्रचार-प्रसार की जरूरत है। उन्होंने बताया कि इसके लिए इंटरनेट मीडिया जैसे नवीन टूल्स के माध्यम से प्रचार-प्रसार को प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया है। इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू ने सुझाव दिया कि 5जी रोलआउट को छत्तीसगढ़ में गति प्रदान करने के लिए 'युवा मितान का उपयोग किया जा सकता है। इस अवसर पर चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रितेश अग्रवाल, चिप्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ शर्मा, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी अजितेश पांडे, यूसोफ नई दिल्ली के डिप्टी एडमिनिस्ट्रेटर शील पी. गौतम, मुख्य महाप्रबंधक बीएसएनएल, छत्तीसगढ़ बीबीएनएल समेत चिप्स के कई अधिकारी उपस्थित रहे।

Posted By: Vinita Sinha

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