रायपुर। छत्तीसगढ़ समेत नक्सल प्रभावित क्षेत्र और जम्मू-कश्मीर में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की इकाइयों के प्रशिक्षित डॉग को अत्याधुनिक कैमरों से लैस किया जाएगा। शुरुआत में सीआरपीएफ इसके लिए 25 'पुलिस डॉग कैमरे" खरीदेगी। यह जानकारी एक दस्तावेज से मिली है। पिछले कुछ महीनों से सीआरपीएफ इस तरह के कैमरों को लेकर छानबीन कर रही है। उसके संचालन के तौर तरीकों के बारे में भी केंद्रीय बल जानकारी हासिल कर रहा है।

अधिकारियों का दावा है कि अपनी के9 इकाई के लिए कैमरे खरीदने वाला सीआरपीएफ देश का पहला बल होगा। ये कैमरे हाई रिसोलुशन के तो होंगे ही वाटर-प्रूफ और स्क्रैच-प्रूफ भी नहीं पड़ेंगे। डॉग (कुत्तों) में लगाए जाने वाले कैमरों को 'पुलिस डॉग कैमरा" के नाम से जाना जाता है।

सीआरपीएफ की इकाइयों के डॉग के पिछले हिस्से में कैमरे लगाए जाएंगे। इससे यह भी पता चलता रहेगा कि किस समय डॉग क्या देख रहा है। डॉग स्क्वायड में तैनात कर्मचारियों को भी विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

बता दें कि अमेरिका समेत दुनिया के अन्य कई देशों में भी के9 इकाइयां हैं, जो बहुत ही बेहतरी से काम करती हैं। कई देशों में डॉग के गले में कैमरे लगाए जाते हैं तो कई देशों में उनके पिछले हिस्से में। इनके जरिए अपराधियों की गतिविधियों को रिकॉर्ड किया जाता है, जिससे आखिरकार अपराध पर काबू पाने में मदद मिलती है।

बीजापुर में तीन नक्सली गिरफ्तार

बीजापुर जिले के बेदरे थाना अंतर्गत ग्राम नेतीकाकलेर के जंगल में सोमवार को मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घेराबंदी करते हुए तीन नक्सलियों को हथियार के साथ गिरफ्तार किया। मिली जानकारी के मुताबिक रात ग्राम रेंगावाया में गुजारकर सुबह जब सर्चिंग पर रवाना हुए तो ग्राम नेतीकाकलेर के जंगल में पूर्व से घात लगाकर बैठे नक्सलियों के साथ पुलिस जवानों की मुठभेड़ हो गई।

पुलिस पार्टी को भारी पड़ता देखकर नक्सली भागने लगे तो घेराबंदी कर घटना स्थल से लखमू पोयाम पिता स्व बुधराम पोयाम निवासी केतुलनार तथा टोक्क उर्फ सुखराम पिता चिन्ना निवासी मुकरम को एक-एक नग भरमार बंदूक के साथ और साधु मज्जी पिता गुण्डी मज्जी निवासी डुडेपल्ली को टिफिन बम के साथ धर दबोचा गया। तीनों नक्सली आरोपियों ने पूछताछ करने पर नेशनल पार्क एरिया कमेटी के दलम के लिए काम करना बताया। थाना बेदरे में अपराध पंजीबद्ध कर न्यायिक रिमाण्ड में जेल भेजा गया।

Posted By: Sandeep Chourey