रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। छत्तीसगढ़ कार्डियोलाजी सोसाइटी आफ इंडिया की कार्यशाला के दूसरे और अंतिम दिन रविवार को हृदय रोग की जटिलताओं, इलाज पर मंथन हुआ। इसमें बताया गया कि समय पर अस्पताल पहुंचने पर हार्ट अटैक के मरीजों की जान बच सकती है।

आंबेडकर अस्पताल में कार्डियोलाजी विभाग के अध्यक्ष डाक्टर स्मिथ श्रीवास्तव ने कहा कि युवाओं में हार्ट अटैक के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। देखा जा रहा है कि 90 प्रतिशत लोगों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता, जिससे मौत हो जाती है। बच भी गए तो स्थिति काफी गंभीर होती है। ऐसे में जागरूकता की जरूरत है। समय रहते इलाज उपलब्ध कराकर जान बचा सकते हैं।

कार्डियोलालिकल सोसाइटी आफ इंडिया के अध्यक्ष डाक्टर पार्था एस बैनर्जी ने हार्ट अटैक के नएपन और इलाज पर जानकारी दी। हैदराबाद के डा. बीकेएस शास्त्री ने फेफड़ा जनित हृदय रोग की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हृदय रोग के लिए कई तरह की नई दवाएं आ चुकी हैं। कई पुरानी दवाओं का चलन है, जो अब अनुपयोगी साबित हो रही हैं। इसलिए चिकित्सकों को भी अपडेट होने की जरूरत है। डा. प्रभात पांडेय ने हार्ट अटैक व डायबिटीज के संबंध की जानकारी दी। डाक्टर जोगेश ने हृदय रोगियों के लिए जरूरी व्यायाम और उनके स्वास्थ्य पर बात रखी। मौके पर मेडिकल छात्रों व चिकित्सकों को पुरस्कृत किया गया।

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