रायपुर। कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंड़िया (कैट) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने बताया कि देश भर में व्यापारिक समुदाय ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ जो कानून को दरकिनार कर सरकार की एफडीआइ नीति के प्रेस नोट नंबर-2 का उल्लंघन कर रही हैं। इसके खिलाफ एक आक्रामक राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करने के लिए पूरी तरह से तैयार वे हैं। कैट के तत्वावधान में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय व्यापारी सम्मेलन में देश के 27 राज्यों के प्रमुख व्यापारी नेताओं ने एक स्वर से कहा कि हम सभी ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ एक मजबूत लड़ाई छेड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। क्योंकि ये कंपनियां देश भर में सात करोड़ से अधिक व्यापारियों और भारत के ई-कॉमर्स बाजार को विकृत करने, देश के खुदरा व्यापार को नष्ट करने पर आमादा हैं।

ट्रांसपोर्टर्स, किसानों, छोटे उद्योगों, उपभोक्ताओं, हॉकरों, स्व-नियोजित समूहों, महिला उद्यमियों और अन्य लोगों सहित खुदरा व्यापार के अन्य क्षेत्र के प्रमुख नेताओं ने भी सम्मेलन में भाग लिया और कैट को समर्थन देते हुए इस देशव्यापी आंदोलन में शामिल होने की घोषणा की।

13 नवंबर से 10 जनवरी तक चलेगा आंदोलन :

कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पारवानी ने कहा कि राष्ट्रव्यापी आंदोलन 13 नवंबर शुरू होगा और 10 जनवरी 2020 तक जारी रहेगा। ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन, ऑल इंडिया कंज्यूमर प्रोडक्ट डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन, फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया, एल्युमिनियम यूटेंसिल्स मैन्युफैक्चरर्स, ऑल इंडिया एसोसिएशन ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स मर्चेंट्स एसोसिएशन, टॉयज एसोसिएशन ऑफ इंडिया, ड्रग डीलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया सहित देश के 40 हजार व्यापारी संगठन कैट के नेतृत्व में इस आंदोलन में शामिल होंगे।

पारवानी ने बताया कि सम्मेलन ने एकमत से सभी ने कहा कि अब इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्तक्षेप का समय आ गया है और प्रधानमंत्री के स्पष्ट दृष्टिकोण की देश के कानून और सरकार की नीति का अक्षरशः पालन सभी के लिए अनिवार्य है। इसके तहत कंपनियों को भी पालन करने के लिए बाध्य करना जरूरी है। इस मुद्दे पर कैट शीघ्र ही प्रधानमंत्री से मुलाकात का समय मांगेगा।

आंदोलन की रूपरेखा, कब-कब क्या :

- 13 नवंबर को देश भर में राष्ट्रीय जागरूकता अभियान दिवस। देश के सभी लोकसभा और राज्यसभा सदस्यों को विस्तृत ज्ञापन सौंपेंगे और उन्हें संसद में इस मुद्दे को उठाने और सरकार से ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह करेंगे।

- 20 नवंबर को राष्ट्रीय विरोध दिवस आयोजित किया जाएगा।

- 25 नवंबर को राष्ट्रीय विरोध मार्च दिवस।

- 2 दिसंबर को राष्ट्रीय व्यापारी रैली दिवस। सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को ज्ञापन भी सौंपा जाएगा।

- 11 दिसंबर को नई दिल्ली में व्यापार बचाओ-व्यापारी बचाओ रैली।

- 6 से 8 जनवरी को नई दिल्ली में तीन दिवसीय राष्ट्रीय व्यापारी महासम्मेलन।

- 9 जनवरी को राष्ट्रीय गवर्निंग काउंसिल की महत्वपूर्ण बैठक। वहीं से आंदोलन के दूसरे चरण की घोषणा की जाएगी।

Posted By: Nai Dunia News Network