रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि.

गांवों में सरकार ने मवेशियों के लिए गौठान की व्यवस्था तो कर दी, लेकिन शहरी इलाकों में ये अब मुसिबत का कारण बनी हुई है।

राजधानी के आउटर के दोनों रिंग रोड की बात की जाए या शहर के अंदर से गुजरने वाली सड़कों की, सभी में मवेशियों का जमावड़ा लगा हुआ है। हर 2 किलो मीटर की दूरी पर मवेशियों ने सड़कों पर कब्जा जमा लिया है। इसके चलते लोगों का रास्ते से गुजरना मुश्किल हो गया है। सड़कों पर मवेशियों के चलते रोजाना दुर्घटनाएं हो रही है, लेकिन निगम के अधिकारी इस समस्या को लेकर खामोश हैं। ऐसे में बुधवार को नईदुनिया टीम की ने शहर की मुख्य सड़कों सहित आउटर में स्थिति का जायजा लिया। जहां बड़ी संख्या में सड़कों पर गायें बैठी नजर आई।

तेलीबांधा से भांठागांव चौक

हमारी टीम सबसे पहले रिंग रोड नं. 1 के तेलीबांधा से लेकर भांठागांव चौक तक पड़ताल की। जहां सड़क पर 12 से 14 जगहों पर गायों की झुंड नजर आई। इसके अलावा संतोषी नगर ब्रिज के नीचे 5 से 6 की संख्या में गायों ने कब्जा जमा रखा था। इसके चलते जाम की स्थिति भी निर्मित हो रही है। लोगों को आवाजाही में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जबकि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को यहां से रोजग गुजरते हैं। इसके बाद भी सड़क प्रशासन की लापरवाही समझ से परे है।

खमतराई मार्ग

खमतराई शहर की सबसे अधिक व्यस्ततम सड़कों में से एक है। यह बिलासपुर रोड को जोड़ता है। इस सड़क में भी भारी संख्या में मवेशी सड़क के डिवाइडर किनारे बैठे रहते हैं। खमतराई रोड पर 8 से 10 जगहों पर गायों का रोजाना डेरा लगा रहता है। बुधवार को भी इस रास्ते पर रोजाना की तरह मवेशी नजर आए।

संतोषी नगर से कालीबाड़ी तक

इस रोड में 8 से 10 जगहों पर हर रोज गायें नजर आती है। इसमें सबसे अधिक संतोषी नगर चौक से लेकर पुलिस लाइन पेट्रोल पंप तक गायों का जमावड़ा रहता है। वहीं टिकरापारा थाना के सामने 8 से 10 गायें रोजाना बैठी रहती है। जहां कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी है।

जीई रोड

यह एक ऐसा मार्ग है जहां से सबसे अधिक पढ़ने वाले विद्यार्थी गुजरते हैं। इस रोड पर वैसे तो जाम की स्थिति नहीं बनती, लेकिन यहां भी सड़क पर आपको मवेशी जरूर नजर आएंगे। आजाद चौक से लेकर यूनिवर्सिटी लगभग 10 से 12 जगहों पर इनका कब्जा है। जबकि यहां सबसे तेजी से गाड़ियां गुजरती है। इससे दुर्घटना की संभावनाएं बढ़ गई है।

पंडरी से लोधी पारा चौक

इस रोड में भी कई सारी गायें डिवाइडर के किनारे रोजाना जमी रहती है। बुधवार को भी गायें 3 से 4 की झुंड में नजर आई। अधिकांश गायें डिवाडर से सटकर बैठी दिखी।

शहर की केवल एक सड़क नहीं बल्की सारी सड़कों पर गायों का जमावड़ा रहता है। हर दो किमी में गायें नजर आती हैं। कभी सड़क के बीच में तो कभी डिवाइडर के किनारे। ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी हमें होती है। समझ नहीं आता निगम के अधिकारी करते क्या हैं।

दिनेश साहू, टिकरापारा

हर रोज सड़कों पर गायों का हुजूम रहता है। अभी कुछ दिन पहले एक बछड़ा सामने आ गया, उसे बचाने के कारण डिवाइडर में मैं जा घुसा। शुक्र है हेलमेट पहना हुआ था। वरना गंभीर चोटें आने की संभावना थी।

आकाश पांडे, ब्राम्हण पारा