रायपुर। राज्य ब्यूरो। छत्‍तीसगढ़ में सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू तो कर दी गई है, लेकिन नई पेंशन योजना के तहत जमा 17,240 करोड़ को पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथारिटी (पीएफआरडीए) लौटाने को राजी नहीं है। इससे राज्य के कर्मचारियों की चिंता बढ़ गई है। कारण यह है कि पुरानी पेंशन योजना लागू करने की घोषणा के साथ ही राज्य सरकार ने पीएफआरडीए में पैसा जमा करना बंद दिया है। राज्य के कर्मचारी कह रहे हैं कि राज्य के अफसर, मंत्री और जनप्रतिनिधियों को इस मामले में केंद्रीय अफसरों और मंत्रियों से मुलाकात करनी चाहिए और हर हाल में वहां जमा पैसा वापस लाना चाहिए।

वित्त विभाग के अफसरों के अनुसार पुरानी पेंशन योजना लागू करने के साथ ही राज्य सरकार ने एनपीएस (नेशनल पेंशन स्कीम) में पंजीकृत प्रत्येक कर्मचारी के लिए एक नया सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) खाता खोला है। कर्मचारियों के मूल वेतन का न्यूनतम 12 प्रतिशत काटकर उसमें जमा किया जा रहा है। वहीं, नई पेंशन योजना के तहत जमा सरकारी अंशदान की राशि का वर्तमान बाजार मूल्य भविष्य की पेंशन देनदारियों को पूरा करने के लिए उपयोग किया जाएगा, साथ ही राज्य सरकार के लोक लेखा के तहत अलग पेंशन फंड में रखा जाएगा। इसके साथ ही पिछले वित्तीय वर्ष की पेंशन देनदारियों के चार प्रतिशत के बराबर राशि राज्य सरकार प्रत्येक वित्तीय वर्ष में इस पेंशन फंड में निवेश करेगी।

सरकार करे ठोस पहल

कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार इसे गंभीरता से लेते हुए ठोस पहल करे। आवश्यक हो तो राज्य के आला अफसर और मंत्री केंद्रीय अफसरों और मंत्रियों से व्यक्तिगत मुलाकात कर पीएफआरडीए में जमा राशि लाने की पहल करें। हम संगठन की तरफ से प्रदेश भाजपा सांसदों सहित सभी जनप्रतिनिधियों से आग्रह करते हैं कि कर्मचारी हित में वे इसमें सहयोग करें।

यह है मामला

प्रदेश में एक नवंबर 2004 से नई पेंशन योजना (एनपीएस) लागू की गई थी। इसके तहत सरकार की तरफ से कुल 17240 करोड़ रुपये एनपीएस में जमा हुआ है। अब राज्य सरकार ने इस वर्ष एक अप्रैल से पुरानी पेंशन योजना लागू कर दी है। इसकी वजह से सरकार एनपीएस में जमा राशि वापस मांग रही है।

अब तक केवल पत्रों में ही है पूरा मामला

- 20 मई 2022 को राज्य की वित्त सचिव अलरमेलमंगई डी ने पीएफआरडीए के अध्यक्ष को पत्र लिखकर राशि लौटाने का आग्रह किया।

- 26 मई 2022 को पीएफआरडीए ने राज्य सरकार को जवाब भेजा। कहा कि नियमों में ऐसा कोई प्रविधान नहीं है जिसके तहत राशि लौटाई जाए।

- 03 जून 2022 को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखाकर कर्मचारियों के हित में राशि दिलाने का आग्रह किया।

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