रायपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। राज्य के जिला उपभोक्ता आयोग में पिछले डेढ़ साल से अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्तियां अधर में है।इसके कारण उपभोक्ताओं के दस हजार से अधिक प्रकरणों की सुनवाई ठप पड़ गई है।राज्य शासन ने जनवरी 2022 में सदस्यों के लिए हुए साक्षात्कार के बाद चयनित अभ्यर्थियों में से लगभग आधे सदस्यों की नियुक्ति छह महीने बाद भी नहीं की गई है।

उपभोक्ता आयोगों में रिक्त पड़े अध्यक्ष,सदस्य, नोडल अधिकारी और अन्य कर्मचारियों के पदों पर शीघ्र नियुक्ति,आयोगों के आधारभूत संरचना के निर्माण हो रहे विलंब के कारण सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया है और एक सुओ मोटो पीआइएल भी दाखिल किया गया है।सुप्रीम कोर्ट की निगरानी के बावजूद चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्तियां नहीं हो पाई है।

छत्तीसगढ़ शासन ने पूर्व में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के रिक्त पदों पर कई बार विज्ञापन जारी करने के साथ निरस्त भी कर दिया। अंतत: 15 जिला आयोगों में सदस्यों के रिक्त पदों पर 28 अगस्त और आठ नवंबर 2021 को बस्तर-जगदलपुर, सुकमा, बालोद, बलौदाबाजार-भाटापारा, राजनांदगांव, सरगुजा-अंबिकापुर, महासमुंद, धमतरी, बिलासपुर, दुर्ग, कोरिया-बैकुंठपुर, बेमेतरा, बलरामपुर-रामानुजगंज और बीजापुर जिला उपभोक्ता आयोग के लिए विज्ञापन जारी कर रजिस्ट्रार राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के नाम आवेदन आमंत्रित किया गया।

दस्तावेजों के सत्यापन के बाद अंतिम सूची के आधार पर 13 जिलों से प्राप्त योग्य अभ्यर्थियों का नौ जनवरी 2022 को रायपुर में हाईकोर्ट के न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित दो सदस्यीय चयन समित के समक्ष साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। उसके परिणामस्वरूप वरीयता के क्रम में चयनित अभ्यर्थियों के नामों के एक पैनल की अंतिम चयन सूचि राज्य शासन को दे भी दिया।

10 फ़रवरी 2022 को साक्षात्कार पश्चात चयन सूची के आधार पर 13 जिला उपभोक्ता आयोगों में से सिर्फ पांच जिला आयोग बस्तर के जगदलपुर, कोरिया-बैकुंठपुर, महासमुंद, दुर्ग और बलौदाबाज़ार-भाटापारा के लिए चयनित नौ सदस्यों का नियुक्ति आदेश जारी किया गया

जबकि सुकमा, बालोद, राजनांदगांव, सरगुजा-अंबिकापुर, बिलासपुर, धमतरी, बेमेतरा एवं बलरामपुर-रामानुजगंज सहित आठ जिला उपभोक्ता आयोगों के लिए चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति आदेश पिछले छह महीने से रुका हुआ है। इसका सीधा असर डेढ़ साल से न्याय का इंतजार कर रहे आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।

चक्कर काट रहे उपभोक्ता

जिला उपभोक्ता आयोग में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति में विलंब की वजह से प्रकरणों की सुनवाई पर असर हो रहा है।इसका खामियाजा केवल उपभोक्ता को ही उठाना पड़ रहा है।लगभग डेढ़ वर्ष से कई जिला उपभोक्ता आयोगों में सुनवाई पूर्णत: ठप है।उपभोक्ता लगातार न्याय की उम्मीद में जिला आयोगों के चक्कर लगा रहे हैं।कईयों ने तो न्याय की उम्मीद भी छोड़ दी है।ऐसे बहुत से उपभोक्ता हैं जो न्याय में देरी से हारकर न्याय की उम्मीद में जाना भी छोड़ दिए हैं।वहीं नए उपभोक्ता पंजीयन करवाने से भी कतरा रहे हैं।

13 जिलों की अटकी नियुक्ति

सुप्रीम कोर्ट में चल रहे सूओ मोटो पीआइएल के कारण अतंत: राज्य सरकार ने जिला उपभोक्ता आयोग में रिक्त अध्यक्ष पद और सदस्यों के दिसंबर 2022 में रिक्त होने वाले पदों की प्रत्याशा में 13 जिला उपभोक्ता आयोग दुर्ग, बेमेतरा, बलरामपुर-रामानुजगंज, गरियाबंद, कांकेर, बीजापुर, सुकमा, रायपुर, रायगढ़, कबीरधाम, कोरबा, जांजगीर-चांपा और दंतेवाड़ा के 20 पदों के लिए क्रमशः 18 जुलाई और दो अगस्त को विज्ञापन जारी किया है, जबकि डेढ़ साल से रिक्त जिला उपभोक्ता आयोगों में सदस्यों के पद के नियुक्ति की बाट जोह रहे उपभोक्ताओं को लगातार निराशा ही हाथ लग रही है क्योंकि जनवरी में हुए साक्षात्कार के परिणामस्वरूप आधे नियुक्ति आदेश, चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी लंबित है।

जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग

जिला लंबित केस

रायपुर- 3315

बिलासपुर-1449

दुर्ग- 2604

राजनांदगांव-719

सरगुजा- 222

जगदलपुर- 147

बस्तर- 151

रायगढ़- 700

कोरिया- 391

जशपुर- 45

सूरजपुर- 34

जांजगीर- 142

मुंगेली- 37

कोरबा- 110

कबीरधाम- 42

धमतरी- 63

महासमुंद- 291

कांकेर- 129

दंतेवाड़ा- 11

गरियाबंद- 30

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कुल- 10632

राज्य उपभोक्ता आयोग-434

Posted By: Pramod Sahu

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