रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि। CG News त्वचा रोग की विचित्र बीमारी से पीड़ित बस्तर की बेटी का आंबेडकर अस्पताल में सफल इलाज किया गया। 70 फीसद तक ठीक हुई त्वचा को लेकर चिकित्सकों ने सावधानी बरतने और लगातार चिकित्सकीय उपचार लेने की सलाह दी है।

उल्‍लेखनीय है कि दंतेवाड़ा जिले में इंद्रावती नदी के किनारे बारसूर ब्लॉक के तुमरी गुंडा गांव में रहने वाली नौ वर्षीय बच्ची त्वचा की विचित्र बीमारी से पीड़ित थी।

इसे लगभग महीने भर पहले आंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। एक अनुमान के अनुसार दुनिया भर में केवल 200 लोग ही इस दुर्लभ विकार से पीड़ित हैं। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. मृत्युंजय सिंह ने बताया कि यह अत्यंत विचित्र वंशानुगत त्वचा विकार है, जो त्वचा कैंसर के एक उच्च जोखिम से जुड़ा है।

यह बीमारी 50 लाख में से किसी एक को ही होती है

आमतौर पर एक और 20 वर्ष की आयु के लोगों में यह विकास होता है। यह बीमारी 50 लाख में से किसी एक को ही होती है। आंबेडकर अस्पताल में पहली बार इस तरह की बीमारी का इलाज हुआ है। 70 फीसद तक बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ है, लेकिन इसका इलाज लगातार कराना होगा। इसके लिए परिजन को कहा गया।

इनका कहना है

बच्ची त्वचा रोग की विचित्र बीमारी से पीड़ित थी। ये आनुवांशिक बीमारी है, इसलिए जड़ से खत्म नहीं होती। इसे काबू किया जा सकता है। अभी तो स्थिति ठीक है, लेकिन परिजनों को समस्या को लेकर ध्यान रखने की जरूरत है। हमने समय-समय पर जांच और दवाओं के लिए कह दिया है।

- डॉ. विनीत जैन, अधीक्षक, आंबेडकर अस्पताल

Posted By: Hemant Upadhyay