रायपुर (राज्य ब्यूरो)। स्कूल शिक्षा विभाग में तिमाही परीक्षा के प्रश्न पत्रों को लेकर विवाद सामने आया है। विभाग के तिमाही परीक्षा के लिए ब्लैक बोर्ड पर प्रश्न लिखकर मूल्यांकन कराने के निर्देश पर शिक्षक संगठनों ने शिक्षा अफसरों के बीच तालमेल नहीं होने का आरोप लगाया है। शिक्षा संगठनों का कहना है कि विभाग में अफसरों के बीच तालमेल नहीं है।

परीक्षा के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। इधर, लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक सुनील कुमार ने निर्देश जारी किया है कि तिमाही परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र को परीक्षा कक्ष में चाक से ब्लैक बोर्ड पर लिखा लिखकर छात्रों से हल कराया जाएगा। स्कूल स्तर पर संस्था प्रमुख, प्राचार्य द्वारा इन प्रश्नपत्रों को तैयार किया जाएगा। इसके लिए सभी संभागीय संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि प्रश्नपत्र की प्रकृति और संख्या ऐसी हो जिन्हें सुगमता से 10 से 15 मिनट में लिखा जा सके।

परीक्षार्थियों को अपनी विषय की कापी में ही प्रश्नों के उत्तर लिखवाया जाए। स्कूल स्तर पर परीक्षार्थियों की कापी जांचकर मूल्यांकन कार्य पूर्ण कराया जाए। मूल्यांकन के बाद प्रश्नोत्तर कापी विद्यार्थियों को अनिवार्यत: लौटा दी जाए, ताकि वे तथा पालक स्वयं भी अपने स्तर से आवश्यक मूल्यांकन कर सकें, ताकि भविष्य में अतिरिक्त तैयारी कर सके। गौरतलब है कि प्रदेश में पहली से 12वीं तक की कक्षाओं में 60 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।

शिक्षा विभाग दे परीक्षा कराने का खर्च: एसोसिएशन

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा है कि प्रदेश शिक्षा प्रशासन में तालमेल की कमी व अदूरदर्शिता के कारण करोड़ों रुपये पानी मे बह गया। हर हाई व हायर सेकेंडरी स्कूल के हजारांे रुपये प्रश्नपत्र प्रिंट कराने में लग गए, विभाग ने अब प्रश्न ही रद्द कर दी।

सोमवार यानी 26 सितंबर से परीक्षा था, पूर्व दिवस अवकाश होने के कारण सभी हाई व हायर सेकेंडरी स्कूल बोर्ड प्रदत्त प्रश्नपत्र प्रिंट करा चुके है, जिससे स्कूलों का हजारों रुपये परीक्षा के प्रश्नपत्र रदद् करने से बर्बाद हुआ है, प्रत्येक स्कूल को 200 रुपये प्रति छात्र की संख्या में शिक्षा विभाग अनुदान दें, जिससे आगे स्कूल परीक्षा का सही संचालन करने में सहूलियत हो। मामले में स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डा. आलोक शुक्ला ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।

10 अक्टूबर तक करानी है परीक्षा

शिक्षा विभाग का निर्देश है कि स्कूल स्तर पर ही परीक्षा की समय-सारिणी निर्धारित की जाए और अनिवार्यत: यह तिमाही परीक्षा अनिवार्य रूप से 10 अक्टूबर तक पूर्ण कर ली जाए। प्रश्न पत्र की एक प्रति परीक्षा आयोजित करने के बाद अनिवार्यत: जिला शिक्षा अधिकारी को प्रेषित किया जाए, ताकि उनके स्तर से भी गुणवत्ता का आंकलन-परीक्षण हो सके एवं वे आगामी मूल्यांकन, परीक्षाओं के लिए संबंधित संस्था प्रमुख, प्राचार्यों को समुचित मार्गदर्शन दे सकें।

Posted By: Pramod Sahu

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