रायपुर (राज्य ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी कांग्रेस अब मिशन बस्तर पर निकलने जा रही है। प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया और प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम नौ अक्टूबर से चार दिवसीय बस्तर प्रवास पर निकल रहे हैं। पुनिया और मरकाम नौ अक्टूबर को कांकेर में कांकेर, अंतागढ़ और भानुप्रतापपुर में संगठन के कामकाज को परखेंगे।

दस अक्टूबर को सुबह केशकाल की विधानसभा स्तरीय बैठक होंगी। इसके बाद दोपहर में कोंडागांव में कोंडागांव और नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस पदाधिकारियों एवं वरिष्ठ कांग्रेसजनों की बैठक होगी। यहां से पुनिया और मरकाम चित्रकोट रवाना हो जाएंगे।

11 अक्टूबर को चित्रकोट में विधानसभा स्तरीय समीक्षा के बाद वे दंतेवाड़ा रवाना हो जाएंगे। माता दंतेश्वरी के दर्शन के बाद दंतेवाड़ा में दंतेवाड़ा विधानसभा और बीजापुर विधानसभा की समीक्षा करेंगे। समीक्षा के बाद पुनिया और मरकाम जगदलपुर पहुंचेंगे। 12 अक्टूबर को जगदलपुर में जगदलपुर विधानसभा, बस्तर विधानसभा एवं सुकमा विधानसभा के कांग्रेस पदाधिकारियों एवं वरिष्ठ कांग्रेसजनों की बैठक लेंगे।

एक पखवाड़ा पहले ही भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अस्र्ण साव और नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने बस्तर की 12 विधानसभा सीट का दौरा करके कामकाज की समीक्षा की थी। इससे पहले तत्कालीन प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी में एक-एक विधानसभा में कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद किया था। बस्तर की 12 विधानसभा सीट में सभी पर कांग्रेस के विधायक हैं। कांग्रेस संगठन विधायकों के कामकाज की समीक्षा के साथ-साथ सरकार की योजनाओं से मिलने वाले लाभ पर भी चर्चा करेगा।

खुफिया रिपोर्ट ने कांग्रेस के खड़े किए कान

कांग्रेस संगठन ने बस्तर की 12 सीट पर विधायकों के परफार्मेंस को लेकर एक खुफिया रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट में पांच से छह विधायकों की क्षेत्र में सक्रियता कम पाई गई है। सक्रियता नहीं होने का असर चुनाव पर पड़ सकता है। ऐसे में कांग्रेस ने एक साल पहले ही कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करने का फैसला किया है।

Posted By: Pramod Sahu

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