रायपुर। लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण का प्रचार अभियान खत्म होने के बाद अब भाजपा बूथ मैनेजमेंट में उतर गई है। पार्टी ने बूथ और शक्ति केंद्र के साथ अब पन्ना प्रभारी तैयार किया है। एक-एक बूथ को दस से 12 भाग में बांटकर मोर्चा-प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसके साथ ही भाजपा के दिग्गजों ने बूथ मैनेजमेंट की कमान संभाल ली है। भाजपा ने हर लोकसभा के लिए दिग्गज नेताओं की कमेटी बनाई है। इन नेताओं को विधानसभावार जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रदेश स्तर पर कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसमें वरिष्ठ नेताओं की टीम मानिटरिंग करेगी।

भाजपा के चुनाव प्रबंधन से जुड़े नेताओं ने बताया कि हर लोकसभा में आठ से नौ विधानसभा सीट है। विधानसभा स्तर पर 15 वरिष्ठ नेताओं की टीम बनाई गई है। इन नेताओं के जिम्मे बूथ को सौंपा गया है। महिला मोर्चा, युवा मोर्चा और प्रकोष्ठ के चुनिंदा पदाधिकारियों को बूथ की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह पदाधिकारी अपने बूथ में आने वाले करीब एक हजार वोटरों तक पहुंच रहे हैं। मतदाता पर्ची से लेकर उम्मीदवार के प्रचार में जुटे हुए हैं। कंट्रोल रूम से पदाधिकारियों की ट्रैकिंग की जा रही है।

सोशल मीडिया पर भी बूथ स्तर पर वोटरों तक पहुंचने का काम किया जा रहा है। भाजपा के आला नेताओं ने बताया कि आखिरी 38 घंटे में मतदाताओं तक पहुंचने का असर वोट पर पड़ता है। वोटर को याद रहता है कि उम्मीदवार कौन है और पार्टी के पदाधिकारियों का वोटर से सीधा संवाद होने का असर पार्टी के पक्ष में वोट पड़ने पर दिखाई देता है।


सोशल मीडिया पर मोदी-शाह का पहुंच रहा संदेश

सोशल मीडिया पर आडियो के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का संदेश पहुंच रहा है। इसमें वोटरों से ज्यादा से ज्यादा वोट देने की अपील की जा रही है। खास बात यह है कि बड़े नेताओं की अपील में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की एक वोट से सरकार गिरने का भी जिक्र किया जा रहा है। भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष विजय शर्मा ने फेसबुक लाइव में वोटर को बताया कि उनका एक वोट कितना महत्वपूर्ण है।


कंट्रोल रूम में हर बूथ की हो रही मैपिंग

भाजपा आईटी सेल के नेताओं ने बताया कि प्रदेश कार्यालय एकात्म परिसर में एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसमें लोकसभावार बूथ की मैपिंग की गई है। कार्यकर्ताओं को क्या दिक्कत हो रही है। भाजपा के समर्पित वोटर बूथ तक पहुंचे कि नहीं, बूथ पर पानी और अन्य इंतजाम है कि नहीं, इसकी मानिटरिंग की जाएगी। इसके साथ ही हर विधानसभा में लीगल सेल के पदाधिकारियों को भी तैनात किया जा रहा है, जिससे किसी विवाद की स्थिति में तत्काल मदद की जा सके।

Posted By: Hemant Upadhyay