रायपुर। लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण के मतदान के लिए 21 अप्रैल की शाम यानी मतदान के 48 घंटे पूर्व चुनाव प्रचार-प्रसार थम जाएगा। 23 अप्रैल को मतदान होगा। मीडिया के सभी माध्यमों में सर्वे और एक्जिट पोल पर रोक रहेगी। ऐसा करना चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। निर्वाचन के सभी चरणों की समाप्ति तक देश में मीडिया द्वारा एक्जिट पोल के परिणाम का प्रकाशन अथवा प्रसारण प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा कोई पार्टी 21 अप्रैल की शाम पांच बजे के बाद प्रचार नहीं कर सकेगी। प्रत्याशी सिर्फ घर-घर जनसंपर्क करेंगे।

सातों लोकसभा क्षेत्रों में 123 प्रत्याशी मैदान में

रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, जांजगीर, कोरबा, रायगढ़ और सरगुजा लोकसभा क्षेत्रों के लिए 23 अप्रैल को मतदान होगा। यहां से कुल 123 प्रत्याशी निर्वाचन में हिस्सा ले रहे हैं। इसमें रायपुर और बिलासपुर में 25, दुर्ग में 21, कोरबा में 13, रायगढ़ में 14, जांजगीर में 15 तथा सरगुजा में 10 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। सबसे अधिक बिलासपुर और रायपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में 25 प्रत्याशी हैं। वहीं सरगुजा लोकसभा क्षेत्र के लिए सबसे कम 10 अभ्यर्थी हैं।

एक करोड़ 27 लाख वोटर देंगे वोट

सातों लोकसभा में कुल एक करोड़ 27 लाख 13 हजार 816 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। कुल मतदाताओं में 64 लाख 16 हजार 252 पुरुष, 62 लाख 96 हजार 992 महिला तथा 572 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल हैं ।

15 हजार 408 बूथ स्थापित

तीसरे चरण में मतदान के लिए 15 हजार 408 बूथ बनाए गए हैं।

शत-प्रतिशत मतदान सुनिश्चित करने के लिए 15 हजार 408 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इसके लिए भी इस 90 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे।

इन गाइड लाइनों का पालन करना जरूरी

1-मतदान दिवस तथा उसके पहले दिन कोई भी प्रत्याशी, राजनीतिक दल अथवा अन्य कोई संगठन राजनीतिक विज्ञापन प्रिंट माध्यमों में प्रकाशित करने के पूर्व मीडिया प्रमाणन समिति से पूर्व प्रमाणन सुनिश्चित करेंगे।

2-23 अप्रैल और उसके एक दिवस पहले 22 अप्रैल को प्रिंट मीडिया में राजनीतिक विज्ञापन जारी करने से पहले मीडिया प्रमाणन समिति से विज्ञापन का पूर्व प्रमाणन कराना जरूरी।

3-लाउडस्पीकर और चुनाव प्रचार वाहन प्रतिबंधित।

मतदान समाप्ति के 48 घंटे के दौरान घोषणा पत्र जारी करना प्रतिबंधित।

राजनीतिक दलों द्वारा कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में किए जाने वाले वायदों को लेकर आपत्ति नहीं है, लेकिन दलों को ऐसे वायदों से बचना चाहिए, जो मतदाताओं के विवेकपूर्ण, निष्पक्ष और स्वतंत्र परिवेश में मताधिकार का इस्तेमाल को गलत ढंग से प्रभावित करती है।

राजनीतिक दल लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 की धारा-126 के अनुसार घोषणा पत्र जारी करने की प्रतिबंधित अवधि यानी मतदान समाप्ति 48 घंटे के दौरान अब घोषणा पत्र जारी नहीं कर पाएंगे।