रायपुर। नईदुनिया, राज्य ब्यूरो। Chhattisgarh Assembly छत्तीसगढ़ विानसभा ने गुस्र्वार को अनुसूचित जाति और जनजाति को मिल रहे आरक्षण को 10 वर्ष के लिए बढ़ाए जाने का संकल्प सर्वसम्मति से पारित कर दिया। इसके लिए गुस्र्वार को विधानसभा की विशेष बैठक आयोजित की गई थी। संसद की दोनों सदनों से पारित इस संविान (126वां संशोधन) विेधयक 2019 को राज्य के विधि विधायी मंत्री मोहम्मद अकबर ने सदन में प्रस्तुत किया। इस पर चर्चा के दौरान सदन में दोनों तरफ से जमकर शब्दबाण चले।

विपक्ष के नेताओं ने दिया विकास के लिए व्‍यवस्‍था पर जोर

सदन में करीब ढ़ाई घंटें से अधिक चली चर्चा के दौरान विपक्ष की तरफ से नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी और डॉ. रमन सिंह समेत कई विधायकों ने इस बात पर जोर दिया कि इस वर्ग के विकास के लिए ऐसी व्यवस्था की जाए कि उन्हें आरक्षण की आवश्‍यकता ही न पड़े।

वहीं, सत्ता पक्ष की तरफ से विधायक मोहन मरकाम और संतराम नेताम ने विपक्ष पर हमला किया। सदन में दोनों तरफ से खुद को आरक्षित वर्ग का हितैषी और सामने वाले को विरोधी साबित करेन की कोशिश होती रही।

इस वजह से लाना पड़ा संकल्प

अनुसूचित जाति और जनजाति के आरक्षण की अवधि 25 जनवरी 2020 को खत्म हो रही है। संसद ने इसे 10 वर्ष के लिए बढ़ाने संसद ने 12 दिसंबर 2018 को विेधेयक पारित किया। इस विेधेयक को लागू करने के लिए 50 फीसद राज्य विानसभाओं का अनुसमर्थन जरुरी है। इसी के तहत गुस्र्वार को राज्य विधानसभा में यह संकल्प पारित किया गया।

Posted By: Hemant Upadhyay

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