रायपुर। विधानसभा के शीतकालीन सत्र का सोमवार को समापन हो गया। इस कारण अब 151 नगरीय निकायों में चुनाव का रंग देखने को मिलेगा। चुनावी सरगर्मी और प्रचार तेज हो जाएगा। कांग्रेस और भाजपा समेत अन्य दलों के आला-नेता खुद प्रचार करने मैदान में उतरेंगे, लेकिन इसके पहले 2840 वार्डों के प्रत्याशी चयन की कवायद तेज होगी। विधानसभा का शीतकालीन सत्र छह दिसंबर तक चलना था, लेकिन नगरीय निकाय चुनाव के चलते चार दिन पहले समाप्त कर दिया गया। इस बार नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा, कांग्रेस और बसपा के अलावा जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ भी ताल ठोंकेगी। जकांछ का यह पहला नगरीय निकाय चुनाव होगा।

जकांछ ने अपने प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी है। कांग्रेस और भाजपा में अभी जिलों से नाम प्रदेश समिति को भेजे गए हैं। कांग्रेस में मंगलवार से दो दिनों तक प्रत्याशियों के नामों पर मंथन होगा, जबकि भाजपा में अभी सिंगल और पैनल में नाम आने का सिलसिला जारी है।

यह संभावना है कि पांच दिसंबर तक लगभग सभी वार्डों के प्रत्याशियों की घोषणा राजनीतिक दल कर देंगे। इसके बाद प्रत्याशियों के साथ आला-नेता प्रचार करते नजर आएंगे।

पहली बार कांग्रेस सत्ता, भाजपा विपक्ष में रहकर लड़ेगी चुनाव

राज्य बनने के बाद पहला नगरीय निकाय चुनाव 2004 में हुआ था। इसके बाद 2009 और 2014 में नगरीय निकाय चुनाव हुए। इन तीनों चुनावों के दौरान भाजपा सत्ता और कांग्रेस विपक्ष में थी। अब 2019 में पहली बार भाजपा विपक्ष और कांग्रेस सत्ता में रहकर नगरीय चुनाव लड़ने जा रहे हैं।

कांग्रेस ने विपक्ष में रहकर पिछले नगरीय निकाय चुनाव में 60 फीसद सीटों पर कब्जा किया था। रायपुर, भिलाई, कोरबा, जगदलपुर और अंबिकापुर नगर निगम में कांग्रेस जीती थी, जबकि बिलासपुर, दुर्ग, मतरी, राजनांदगांव में भाजपा के महापौर चुने गए थे। कांग्रेस अपनी सरकार की 11 माह के कामकाज को लेकर चुनाव लड़ेगी, जबकि भाजपा सरकार के खिलाफ मुद्दे उठाकर माहौल बनाने की कोशिश करेगी।

Posted By: Sandeep Chourey