Chhattisgarh Board Exam : रायपुर। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय रायपुर में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा के लिए प्रश्न बैंक (गेस पेपर) बेचने का मामला सामने आया है। आरोप है कि जिला शिक्षा अधिकारी की मिलीभगत से बाबू के जरिए प्रश्न बैंक बेचा जा रहा था। इसकी शुरुआती शिकायत पर स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रारंभिक जांच भी करा डाली है। संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय रायपुर के संयुक्त संचालक एसके भारद्वाज को मामले की जांच करने के लिए जिम्मेदारी दी गई थी। प्रारंभिक जांच में प्रश्न बैंक बेचने की पुष्टि होने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने सहायक ग्रेड दो पन्नालाल यादव को जहां निलंबित कर दिया है, वहीं सहायक संचालक डॉ. आरएस चौहान पर कार्रवाई करते हुए शहर के बड़े सरकारी हायर सेकंडरी स्कूल माना बस्ती का प्राचार्य बना दिया गया है।

स्कूल शिक्षा विभाग के संचालक जीतेंद्र शुक्ला ने डॉ. आरएस चौहान को माना बस्ती स्कूल में संलग्न करने का आदेश जारी कर दिया है। इस कार्रवाई को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने आपत्ति दर्ज की है। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि बाबुओं को अफसर निशाना बना रहे हैं।

एक बाबू को निलंबित करना है। उसी नाव में सवार दूसरे अफसर को स्कूल में संलग्न का बहाना बताकर उपकृत करना निंदनीय है। शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई से कर्मचारियों में रोष है। इधर माना बस्ती स्कूल में वर्तमान में प्रभारी प्राचार्य डीके शुक्ला के काम को लेकर काफी चर्चा है।

उनके कामकाज के कारण पिछले एक साल से स्कूल में बेहतरीन पढ़ाई और पर्यावरण समेत राज्य सरकार के नरवा, गरुवा,घुरुवा और बारी प्रोजेक्ट के तहत भी काम हुए हैं। एक साल पहले इसी स्कूल के पूर्व प्राचार्य दिलीप कुमार केसरवानी को गंभीर शिकायत के बाद हटाया गया था। तब से इस स्कूल को प्राचार्य डीके शुक्ला संभाल रहे थे।

सात दिन में मांगा जांच प्रतिवेदन

लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक जितेंद्र शुक्ला की ओर से जारी आदेश में कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर में कक्षा 10वीं और 12वीं के प्रश्न बैंक को बेचे जाने की शिकायत प्राप्त होने पर संयुक्त संचालक लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में डीईओ कार्यालय में पदस्थ सहायक संचालक आरएस चौहान की संलिप्तता होना पाया जाना प्रतीत हुआ है।

आरएस चौहान को अन्य आदेश पर्यंत अस्थायी रूप से प्राचार्य शाउमावि माना बस्ती रायपुर में संलग्न किया जाता है और उक्त प्रकरण में की विस्तृत जांच के लिए संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग रायपुर को आदेशित किया गया है कि सात दिवस के भीतर जांचकर प्रतिवेदन दें। मामले में स्कूल शिक्षा के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने जांच के बाद उचित कार्रवाई करने की बात कही है।

अफसर को बचाकर बाबू को निलंबित करना निंदनीय

छत्तीसगढ़ में अफसरशाही हावी है। जब एक ही कृत्य के लिए बाबू को निलंबित किया गया है और दूसरे सहायक संचालक स्तर के अधिकारी को बड़े स्कूल में पदस्थ कर दिया गया है। एक को बचाया गया और दूसरे को निलंबित करना निंदनीय है। संघ इसका विरोध करता है।

- विजय कुमार झा, महामंत्री, छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ.

Posted By: Anandram Sahu

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