रायपुर ।JP pathak IAS छत्तीसगढ़ के जांजगीर के पूर्व कलेक्टर जेपी पाठक पर दुष्कर्म के मामले में एफआइआर होने के बाद ब्यूरोक्रेसी दो फाड़ हो गई है। वरिष्ठ आइएएस अधिकारियों का मानना है कि पाठक को हनी ट्रेप में फंसाने के लिए एनजीओ लॉबी ने जाल बिछाया था। वहीं, एक गुट मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के फैसले के साथ खड़ा नजर आ रहा है।

इस बीच, आइएएस एसोसिएशन की जल्द बैठक होने वाली है। इस बैठक में पाठक के मामले पर चर्चा होगी। इसके बाद एसोसिएशन के पदाधिकारी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात करेंगे।

आइएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष सीके खेतान ने बताया कि कोरोना संकट के कारण बैठक नहीं हो पा रही है। जल्द ही बैठक करके पाठक के मामले पर विचार किया जाएगा। राज्य गठन के बाद जेपी पाठक प्रदेश के दूसरे आइएएस हैं, जिन पर दुष्कर्म का आरोप लगा है।

इस मामले में जांजगीर पुलिस ने एफआइआर दर्ज किया है। इसके बाद से पाठक फरार बताए जा रहे हैं। पाठक ने संचालक भू राजस्व के पद पर पदभार ग्रहण कर लिया है, लेकिन वे अपने दफ्तर नहीं आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि पाठक एफआइआर रद कराने के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं।

मंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो पाठक के मामले में एनजीओ कनेक्शन की जांच की जा रही है। जिला प्रशासन ने आरोप लगाने वाली महिला के एनजीओ को मिले काम का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है। पिछले दो साल में महिला के एनजीओ ने क्या काम किया और पाठक के कार्यकाल में उसे क्या काम मिला, सबकी जांच शुरू हो गई है।

Posted By: Sandeep Chourey

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