राज्य ब्यूरो, रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर निशाना साधा है। उन्होंने संघ की तुलना नक्सलियों से करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में आरएसएस के लोग बंधुआ मजदूर की तरह काम करते हैं। भाजपा की 15 साल की सरकार में संघ के लोगों का कोई काम नहीं हुआ। अब भी इनकी नहीं चलती है, सब नागपुर से संचालित होते हैं। वहीं, देश विभाजन के लिए विनायक सावरकर को जिम्मेदार बताया।

बघेल के बयान पर सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि संघ राष्ट्रभक्ति और देश प्रेम सिखाता है। रायपुर में मीडिया से चर्चा में बघेल ने कहा कि नक्सलियों के नेता तो आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में हैं, स्थानीय लोग तो गोली चलाने और गोली खाने का काम करते हैं। इसी प्रकार आरएसएस की अपनी कोई क्षमता नहीं है। यहां संघ की कोई औकात नहीं है। जो कुछ है, वह नागपुर से होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन लोगों की दो चीजों मतांतरण और सांप्रदायिकता में मास्टरी है। ये हर छोटी घटना को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ऐसा कतई नहीं होने दिया जाएगा। सीएम बघेल केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस दावे को खारिज किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि महात्मा गांधी के कहने पर सावरकर ने अंग्रेजों से माफी मांगी थी। बघेल ने कहा, लो यह नई बात आ गई। महात्मा गांधी उस समय कहां थे, वर्धा में, ये (सावरकर) कहां थे, सेल्युलर जेल में। दोनों का संपर्क कैसे हो गया?

जेल में रहकर ही सावरकर ने एक बार नहीं आधा दर्जन बार दया याचिका लगाई। सावरकर, माफी मांगकर छूटने के बाद पूरी जिंदगी अंग्रेजों के साथ रहे और अंग्रेजों के फूट डालो और राज करो के एजेंडे पर काम करते रहे। 1925 में जेल से बाहर आने के बाद सावरकर ने सबसे पहले दो राष्ट्र की बात की। यह जो पाकिस्तान और हिंदुस्तान की बात है, सावरकर ने 1925 में कही थी। 1937 में मुस्लिम लीग ने ऐसा ही प्रस्ताव पारित किया। इन दोनों (सावरकर और मुस्लिम लीग) सांप्रदायिक ताकतों ने देश के बंटवारे की पृष्ठभूमि तैयार की थी।

रमन ने दिखाया आईना

पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने सीएम बघेल के बयान को ओछी मानसिकता बताया। उन्होंने कहा कि बघेल को शायद यह नहीं मालूम कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने संघ को 1962 के गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल होने का न्योता दिया था। देश में मतांतरण रोकने और शिक्षा के प्रसार के लिए संघ काम कर रहा है। राष्ट्रभक्त बनना संघ की शाखाओं में सिखाया जाता है। आज भूपेश बघेल की मानसिकता समझ में आ रही है। भगवा झंडे को पैरों से कुचला जा रहा है, जिसे वह छोटी घटना बता रहे हैं।

Posted By: Shashank.bajpai

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