दीपक शुक्ला, रायपुर। Womens empowerment : अगर इरादों में दम हो तो मंजिल भी आसान हो ही जाती है। राजनांदगांव की बेटी कोमल ने इसे चरितार्थ कर दिखाया है। जो कभी शूटिंग सीखने और स्पर्धा में हिस्सा लेने उधार में पैसे लिया करती थीं, आज वही कोमल सख्त इरादों के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन करने जा रही। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव की कोमल श्रीवास नीदरलैंड में आयोजित ओपन शूटिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लेंगी। कोमल राज्य की पहली राष्ट्रीय शूटर भी हैं। अब उनके नाम एक और उपलब्धि दर्ज होने जा रही। प्रदेश से कोई भी महिला शूटिंग में राज्य का प्रतिनिधित्व राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नहीं की है। कोमल 10 मीटर राइफल में 4 से 9 फरवरी तक आयोजित चैंपियनशिप में निशाना साधेंगी । कोमल के पिता सुरेश श्रीवास वन रक्षक हैं।

एनसीसी से सीखा राइफल चलाना :

कोमल बताती हैं कि उन्हें शूटिंग का शौक नहीं था। लेकिन टीचर्स के कहने पर एनसीसी से जुड़ गई। 2011 में एनसीसी का थल सैनिक कैंप लगा। कैंप में कैड्ट्स को फायरिंग करना सिखाया गया। कोमल का निशाना सटीक लगा। बार-बार निशाना सही लगता गया और सेलेक्शन हो गया। सभी कहने लगे कि निशाना अच्छा है शूटर बन सकती हो। जिसके बाद मन में शूटर बनने की इच्छा जागी। इसके बाद लगातार प्रैक्टिस में जुट गई। साल 2016 और 2017 में स्टेट लेवल चैंपियनशिप में गोल्ड मैडल भी जीता।

दिल्ली में ले रहीं ट्रेनिंग

कोमल दिल्ली में शूटिंग का प्रशिक्षण ले रही हैं। पिछली बार 2018 में टूर्नामेंट जीतने पर कोमल को शासन की ओर से तीन लाख रुपए दी गई थी। इसे अकादमी और खेल सामाग्री पर खर्च किया गया। इसके बाद कोमल अब देश के लिए शूटिंग में मेडल जीतना चाहती हैं।

राष्ट्रीय चैंपियनशिप में सातवां स्थान

ऑल इंडिया जेवी मावलंकर मुंबई में भी कोमल ने पूरे भारत में अपना सातवां स्थान बनाया था। कोमल केरल में हुई नेशनल चैंपियनशिप में भी क्वालीफाइ कर चुकी हैं।

Posted By: Anandram Sahu

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