रायपुर (सतीश चंद्र श्रीवास्तव)। dhirendra krishna shastri छतरपुर के बागेश्वर धाम वाले बाबा का दरबार भले ही रायपुर में लगा है, उत्तर प्रदेश और बिहार से लेकर दिल्ली तक में राजनीतिक हंगामा खड़ा हो गया है। समर्थन और विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं। चमत्कार से लेकर मतांतरितों की घर वापसी तक का मुद्दा छा गया है। यहां मंच पर ही सबकुछ हो रहा है। दूसरी तरफ कांग्रेस और भाजपा के नेता और धर्माचार्य राष्ट्रीय स्तर पर विरोध और समर्थन में उतर आए हैं। परिणाम है कि इंटरनेट मीडिया पर ट्रेंडिंग के मामले में बागेश्वर धाम लगातार शीर्ष पर है। दिव्य दरबार में चार मतांतरितों की घरवापसी ने चर्चा को और गर्म कर दिया है। शनिवार को रायपुर में ही कम स्कोर वाले भारत और न्यूजीलैंड के एकदिवसीय क्रिकेट मैच में भले ही भारतीय गेंदबाजों ने रौद्र रूप दिखाते हुए बल्लेबाजों के चौके-छक्के नियंत्रित कर दिए हों, यहां के चमत्कारों पर पूरे देश में धमाकेदार बयानबाजियों का सिलसिला बढ़ता ही जा रहा है।

बागेश्वर सरकार के नाम से ख्यात पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर ताजा विवाद नागपुर में अंध श्रद्धा निर्मूलन समिति द्वारा चमत्कार का विरोध किए जाने और एफआइआर के लिए शिकायत किए जाने के बाद बढ़ा। मामले को और आगे बढ़ाते हुए 17 जनवरी को रायपुर पहुंचकर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने विरोधियों को दरबार में आने की खुली चुनौती दे दी। यद्यपि राज्यपाल अनुसुईया उइके ने श्रीराम कथा के उद्घाटन अवसर पर भगवान श्री राम के जीवन से आदर्शों और मर्यादा के पालन का संदेश दिया परंतु चमत्कार का ही मुद्दा छाया रहा। आयोजन के अंतिम दिन, सोमवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कथा में पहुंचने की उम्मीद की जा रही है। विवाद के बीच रविवार को मुख्यमंत्री ने संयमित बयान दिया है, ‘ऐसे चमत्कार नहीं दिखाने चाहिए। यह जादूगरों का काम है। ऋषि मुनियों ने रोका है कि इस प्रकार से सिद्धियों का प्रयोग नहीं होना चाहिए। पीर-फकीर ताबीज देकर और ईसाई चंगाई सभा में चमत्कार की बात करते हैं। इससे बचना चाहिए।‘

मतांतरण के नाम पर गुंडागर्दी करने वाले भाजपा

इसके साथ ही मुख्यमंत्री बघेल ने मतांतरण और चर्च विवाद पर भाजपा को एकबार फिर निशाने पर ले लिया है। उन्होंने दावा किया है कि प्रदेश में अधिकांश चर्च भाजपा के कार्यकाल में बने। मतांतरण की 16 शिकायतों में आठ के झूठे पाए जाने की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने ‘मतांतरण के नाम पर गुंडागर्दी करने वाले भाजपा नेताओं को सलाखों के पीछे होने’ की बात भी उठा दी है। इससे पहले मंत्री कवासी लखमा भी चुनौती दे चुके हैं कि छत्तीसगढ़ में कहीं भी मतांतरण का प्रमाण मिल जाए तो वह राजनीति छोड़ देंगे अन्यथा धीरेंद्र शास्त्री अपनी पंडिताई छोड़ दें। उधर मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने चमत्कार पर सवाल खड़े करते हुए पंडित धीरेंद्र शास्त्री से कहा है कि मध्यप्रदेश को कर्ज मुक्त करने में मदद करें।

बालाजी और हनुमान जी की कृपा क्या होती है?

इसी तरह छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सदस्य रंजीत रंजन के पति और बिहार के बाहुबली नेता पप्पू यादव ने अंधविश्साव फैलाने का आरोप लगाया तो बिहार से ही सांसद व केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि किसी के सामर्थ्य को अंधविश्वास कहना गलत होगा। उधर दिल्ली में बागेश्वर धाम के समर्थन में कपिल मिश्रा और समर्थक सड़क पर उतर चुके हैं। यहां रायपुर में बागेश्वर सरकार ने योग गुरु बाबा रामदेव की चिट्ठी दिखाई है जिसमें रामदेव ने आरोप लगाया है कि कुछ पाखंडी ही धीरेंद्र शास्त्री पर टूटकर पड़े हैं और पूछ रहे हैं कि बालाजी और हनुमान जी की कृपा क्या होती है? उन्होंने साथ ही संदेश दिया है कि जिन्हें बाहर की आंखों से देखना है वह धीरेंद्र शास्त्री से पूछें और जिन्हें ज्ञान पर चर्चा करनी है वह रामभद्राचार्य के पास आ जाएं। हर जगह पाखंड नहीं ढूंढें। इसी तरह ज्योतिष्पीठ के स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा धीरेंद्र शास्त्री को जोशी मठ की दरारें ठीक करने की चुनौती देते हुए पाखंडी बताए जाने पर रामभद्राचार्य ने खुद मोर्चा संभाल लिया है।

चादर और फादर से दूर रहने के बाद विवाद

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित बालाजी मंदिर के धीरेंद्र शास्त्री द्वारा चादर और फादर से दूर रहने के आह्वान से विवाद आगे बढ़ा। नागपुर की अंध श्रद्धा निर्मूलन समिति के श्याम मानव के नेतृत्व में शिकायत की गई तो धीरेंद्र शास्त्री ने उनके (मानव के) ईसाई होने के प्रमाण सामने लाकर मुद्दे को गंभीर बना दिया। अब शनिवार को तीन ईसाइयों और एक मुस्लिम की घर वापसी ने मतांतरण और घर वापसी के मुद्दे को और बड़ा बना दिया है। रायपुर में सात दिवसीय समागम में पहुंचने वालों की भीड़ के आगे सभी आयोजन फीके माने जा सकते हैं। भारतीय जनता पार्टी समर्थकों द्वारा नवंबर महीने में आयोजित पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव पुराण कथा के जवाब में कांग्रेस समर्थकों द्वारा किया गया यह समागम श्रद्धालुओं की संख्या के मामले में रिकार्ड तो बना ही रहा है।

Posted By: Vinita Sinha

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close