रायपुर। Chhattisgarh Doctor Strike छत्तीसगढ़ इन सर्विस डॉक्टर्स एसोसिएशन (सीडा) द्वारा सरकारी अस्पतालों में एक जनवरी से लागू नए ओपीडी समय का लगातार विरोध किया जा रहा है। इसे लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय पत्र जारी कर विरोध कर ओपीडी में सेवा नहीं देने वाले चिकित्सकों का वेतन काटने और कार्रवाई के आदेश दिए है। इसके साथ ही हिदायत दी गई कि व्यवस्था का विरोध सिविल सेवा नियम का उल्लंघन है और कार्रवाई के दायरे में आता है। विरोध करने वाले डॉक्टरों से कहा गया है कि चिकित्सालय का कार्य अति आवश्यक है और आपातकालीन सेवाओं के अंतर्गत आता है। ऐसे में शासकीय अस्पतालों में आने वाले मरीजों का इलाज सुचारू रूप से नहीं किया जा रहा है।

चिकित्सकों को बाह्य रोगियों के उपचार का बहिष्कार किया जाना सिविल सेवा नियम का उल्लंघन है। ऐसे में चिकित्सकों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिवस के अंदर जवाब मांगा गया है।

जवाब नहीं देने की स्थिति में सख्त कार्रवाई की बात कही है। आपको बता दें कि सीडा ने 16 जनवरी को भी ओपीडी बहिष्कार के साथ ही आपातकालीन सेवा का भी बहिष्कार करने की घोषणा की है।

तीन दिन से ओपीडी बंद, आज से ठप रहेगी आपात सेवा

इधर कोरबा में जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. अरुण तिवारी व सीएमएचओ बीबी बोर्डे को छोड़कर जिले के सभी सरकारी डॉक्टर गुरुवार से बेमुद्दत हड़ताल पर बैठ रहे हैं। पहले ही सोमवार से बुधवार तक तीन दिन ओपीडी सेवाएं बंद रखी गईं, अब गुरूवार से इमरजेंसी समेत हर प्रकार की चिकित्सा सेवा बंद कर दी जाएंगी। सेकेंड शिफ्ट में ओपीडी सेवा लागू होने से उत्पन्न मैदानी दिक्कतों का हवाला देते हुए सरकारी डॉक्टर आंदोलन के रास्ते में उतर आएं हैं। उनका कहना है कि शासन पहले पर्याप्त डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ व इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराए और तब तक के लिए यह आदेश स्थगित करे।

Posted By: Sandeep Chourey

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