रायपुर। बार-बार चेतावनी के बावजूद रायपुर के सातों विधानसभा चुनाव मैदान में कूदे 32 प्रत्याशियों ने अपने निर्वाचन खर्च का व्योरा नहीं दिया। लिहाजा जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ.बसवराजु एस. ने इन्हें नोटिस जारी कर दिया है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर 15 दिन के अंदर जबाव नहीं दिया तो उन्हें भविष्य में किसी भी चुनाव में लड़ने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। इन पर भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 10 ए के तहत कार्रवाई की जाएगी।

ज्ञात हो कि जिले की सातों विधानसभा सीटों से 167 प्रत्याशी चुनाव लड़े थे। इसमें सिर्फ 32 को छोड़ बाकी ने अपने निर्वाचन व्यय का व्योरा जमा कर दिया है। इन्हें 10 जनवरी को शाम पांच बजे तक व्यय का व्योरा जमा करना था। इसकी भी सूचना जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा दी गई थी। इसके बावजूद अनुपालन नहीं कर पाने पर जिला निर्वाचन अधिकारी को कड़ा रुख अपनाना पड़ा।

प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की शाखा स्थापित

-प्रत्येक विधानसभावार के हिसाब से निर्वाचन व्यय शाखा कलेक्टोरेट में स्थापित की गई है, जहां संबंधित क्षेत्रों के प्रत्याशियों को अपने निवार्चन व्यय का ब्योरा जमा करना था। इसके लिए वहां एक लेखांकन दल निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान ही तैनात किया गया है।

आधा दर्जन बार व्योरा जमा करने दी गई थी ट्रेनिंग

नामांकन दाखिले के बाद से ही प्रत्याशी और उनके द्वारा नियुक्त एजेंटों को चुनावी खर्च जमा करने की ट्रेनिंग दी गई थी। वह भी एक नहीं, बल्कि आधा दर्जन बार। इन्हें कैसे निर्वाचन व्यय का व्योरा देना है, इसके सभी तौर-तरीके बताए गए थे। इसके बावजूद इन्हें 10 जनवरी 2019 तक जमा करने की छूट दी गई थी।

नोटिस पाने में भी रायपुर दक्षिण अव्वल

यहां सबसे अधिक 42 प्रत्याशी भी चुनावी मैदान में कूदे थे, जो पूरे प्रदेश में रिकॉर्ड था। नोटिस पाने में भी इस रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट के ही प्रत्याशी अव्वल रहे यानी यहां चुनावी खर्च नहीं जमा करने वालों की संख्या भी 13 है। रायपुर नगर दक्षिण विधानसभा से अब्दुल रज्जााक, मोहम्मद अहमद, आमना बेगम, इमरान बक्स, रूमना हुसैन, शेख रहमुद्दीन, ए.नजीर, रेशम लाल जांगड़े, शरीक अलमास, सुभाष कुर्रे, धीरज तिवारी, डॉक्टर गोजू पाल, मुकेश कुमार लोखंडे हैं।

रायपुर पश्चिम से नागा साधु भी नहीं दे पाए हिसाब-किताब

बड़े ही धूमधाम से नागा साधु दिगम्बर जनकपुरी भी रायपुर नगर पश्चिम से चुनावी मैदान में दो-दो हाथ करने उतरे थे। इनके प्रताप का जादू पब्लिक पर नहीं चला, जमानत तो जब्त हुई ही। अब चुनावी खर्च का व्यौरा नहीं जमा करने पर सरकारी नोटिस भी मिल गई। वैसे प्रचार-प्रसार के दौरान इनके पास एक ऑटो था। पदयात्रा ही कर घर-घर वोट मांगने जाते थे। इनके अलावा यहां से चुनाव लड़े इंजीनियर अशोक कुमार ताम्रकार, हरिन्दर अरोड़ा, प्रदीप सिंह ठाकुर, रेखा साहू, त्रिलोका बाई साहू, तुकाराम साहू को भी नोटिस मिली है।

अधिकांश निर्दलीय प्रत्याशियों के पास नहीं थी फूटी कौड़ी

बहरहाल अधिकांश प्रत्याशियों के पास फूटी कौड़ी भी नहीं थी। अचल तो छोड़िए, चल संपत्ति भी शून्य थी। नामांकन के दौरान संपत्ति के व्योरे में किसी-किसी के खाते में 100 तो किसी के पास एक पैसा भी नहीं था। लिहाजा उनके चुनावी खर्च भी कम थे। इसके बावजूद ब्योरा नहीं जमा कर पाए। हालात तो ये रहे कि लोग चंदा जुटाकर किसी तरह जमानत की राशि जमा किए थे।

इन विधानसभा के भी प्रत्याशियों को मिली नोटिस

धरसींवा विधानसभा क्षेत्र से धनेश कुमार मैरिसा, पूरण लाल बघेल, रायपुर ग्रामीण विधानसभा से फूलराज वर्मा, मंगल चंद धृतलहरे, मोहम्मद औरंगजेब, गेंदलाल डड़सेना, बलदेव प्रकाश द्विवेदी, राजेन्द्र कुमार साहू, सत्य नारायण सोनवानी, रायपुर नगर उत्तर विधानसभा क्षेत्र से विकास मोटवानी, कैलाश आदिल, अभनपुर विधानसभा क्षेत्र के दयाराम निषाद शामिल हैं।