रायपुर (नईदुनिया, राज्य ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ सरकार ने शराब बंदी की ओर कदम बढ़ाते हुए नए वित्तीय वर्ष में एक अप्रैल से 50 शराब और 49 एफलएल- 2 बियर बार (रेस्टोरेंट बार लाइसेंस) बंद करने का फैसला किया है। वहीं, गोठानों के लिए शराब की हर बोतल पर पांच रुपए अतिरिक्त शुल्क वसूला जाएगा। चालू वित्तीय वर्ष में आबकारी से प्राप्त राजस्व में करीब साढ़े 11 फीसद की वृद्धि हुई है। सरकार ने पांच हजार करोड़ राजस्व का लक्ष्य तय किया था। इसकी तुलना में जनवरी तक 4090 करोड़ का राजस्व प्राप्त हो चुका है। शनिवार को हुई राज्य कैबिनेट ने नई आबकारी नीति का अनुमोदन किया। इसमें शराब का अवैध परिवहन रोकने के लिए पड़ोसी राज्यों की सीमाओं पर आबकारी थाना और चौकी खोली जाएगी। साथ ही शराब दुकानों के पास चखना सेंटर की भी अनुमति दे दी गई है।

मितान योजना में 70 स्र्पये में घर पहुंचेंगे दस्तावेज

नागरिक सेवाओं को घर तक पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री मितान योजना प्रारंभ होगी। प्रथम चरण में प्रदेश के सभी नगर निगमों में शासकीय सेवाओं की घर पहुंच सेवा आरंभ की जाएगी। मुख्यमंत्री मितान योजना में 100 केंद्र बनाए जाएंगे। 70 रुपये में घर पहुंच सेवा के तहत विभिन्न् प्रमाण पत्र मिलेंगे। पोर्टल के जरिये आवेदन होगा और 15 अगस्त तक योजना शुरू होगी।

अब राज्य में केवल 662 दुकानें

राज्य में अभी देसी- विदेशी मिलाकर कुल 712 शराब दुकानें हैं। 50 दुकानें बंद होने के बाद नए वित्तीय वर्ष में राज्य में 662 दुकानें रह जाएंगी।

देसी और विदेशी एक ही दुकान में

आबकारी राजस्व की सुरक्षा की दृष्टि से शराब की कंपॉजिट दुकानें खोलने का फैसला किया है। अब देसी और विदेशी शराब एक ही दुकान से बेची जा सकेगी।

तीन संभाग में क्राप्ट बियर

देश के अन्य प्रदेशों में क्राफ्ट बियर के बढ़ते प्रचलन को ध्यान में रखते हुए ताजी बियर के लिए माइक्रोब्रेवरी लगाने का फैसला किया गया है। माइक्रोब्रेवरी केवल रायपुर बिलासपुर और दुर्ग संभाग में लगेंगे।

फुटकर दुकान में अब हर ब्रांड की शराब

नई नीति में फुटकर मदिरा दुकानों में सभी ब्रांड उपलब्ध कराने के लिए भी नीति में बदलाव किया गया है। इसके लिए थोक विदेशी मदिरा नए व्यवस्था के तहत प्रदाय किए जाने पर सहमति प्रदान की गई। नई व्यवस्था में लाइसेंस के माध्यम से थोक विदेशी मदिरा का प्रदाय की जाएगी। मांग के आधार पर पंजीकृत विदेशी मदिरा प्रदायकर्ताओं की मदिरा को छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कार्पोरेशन लिमिटेड के भंडागार में भंडारण करेगा। कम या नहीं बिकने वाली मदिरा के भंडारण पर जुर्माना होगा। लोकप्रिय ब्रांड की उपलब्धता होने से अवैध मदिरा की बिक्री पर अंकुश लगेगा।

Posted By: Prashant Pandey