रायपुर। राज्य ब्यूरो। Chhattisgarh News: महंगाई भत्ता (डीए) और गृह भाड़ा भत्ता (एचआरए) की मांग को लेकर सरकारी कर्मचारी 22 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की तैयारी में है। इसके लिए ब्लाक और जिला स्तर पर कर्मचारी संगठनों की बैठकों का क्रम चल रहा है। कर्मचारी राज्य सरकार पर वचनभंग करने का आरोप लगा रहे हैं। वहीं भाजपा भी कह रही है कि कर्मचारियों के साथ चुनाव में किए बड़े-बड़े वादों से ध्यान भटकाने के लिए सरकार डीए और एचआर की मांग में उन्हें फंसाए रखना चाहती है। वहीं, कांग्रेस सरकार को कर्मचारी हितैषी बता रही है।

डीए और एचआरए की मांग को लेकर चल रहे इस आंदोलन का नेतृत्व कर्मचारी- अधिकारी फेडरेशन कर रहा है। फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा ने बताया कि 22 अगस्त से घोषित अनिश्चितकालीन हड़ताल को सफल बनाने प्रदेश के सभी जिलों के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। 16 से 18 अगस्त तक सभी कार्यालयों में हड़ताल सूचना दे दी जाएगी।

कर्मचारियों के साथ अन्याय कर रही है राज्य सरकार: भाजपा

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता ओपी चौधरी ने कहा कि डीए और एचआरए सरकारी कर्मचारियों का मूलभूत अधिकार है। कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में सरकारी कर्मियों से क्रमोन्न्ति, पदोन्न्ति, चार स्तरीय उच्चतम वेतनमान जैसे बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन अब उन वादों को पूरा करने की बजाए उससे ध्यान भटकाने के लिए डीए और एचआर के मुद्दे पर उलझा कर रखे हुए है। केंद्र सरकार 34 प्रतिशत डीए दे रही है, जबकि राज्य सरकार केवल 22 प्रतिशत दे रही है। इसी तरह केंद्रीय कर्मियों को एचआरए सातवें वेतनमान के अनुसार मिल रहा है, जबकि राज्य के कर्मचारियों को अभी भी छठवें वेतनमान के अनुसार मिल रहा है। राज्य सरकार कर्मचारियों के साथ अन्याय कर रही है।

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कर्मचारी हितैषी है राज्य सरकार: कांग्रेस

कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने कर्मचारी हित में अनेक फैसला लिए हैं। इसमें सप्ताह में दो दिन छुट्टी, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, जिससे कर्मचारी सेवानिवृत्ति के बाद की चिंता से मुक्त हुए हैं। हमारी सरकार ने अनुकंपा नियुक्ति में रमन सरकार के दौरान लगाई गई 10 प्रतिशत की सीलिंग को हटाया है। शिक्षाकर्मियों के सिविलियन नियम सरल किए हैं। बस्तर क्षेत्र में सेवा दे रहे पुलिस जवानों को रिसपान्स भत्ता, पुलिस वालों को आवास की सुविधा के साथ कर्मचारियों के अन्य मांगों के लिए गंभीर और संवेदनशील हैं। वहीं भाजपा की केंद्र सरकार राज्य के कर्मचारियों के पेंशन का 17हजार करोड़ से अधिक नहीं दे रही है।

यह है कर्मचारियों की मांग

राज्य के कर्मचारी केंद्रीय कर्मियों के समान 34 प्रतिशत डीए और सातवें वेतनमान के अनुसार एचआरए की मांग कर रहे हैं। कर्मचारी नेताओं के अनुसार राजस्थान और मध्य प्रदेश सहित कुछ और राज्यों में कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मियों के समान डीए और एचआरए का भुगतान किया जा रहा है।

मई से चल रहा है चरबद्ध आंदोलन

- 30 मई 2022 को सभी जिला और 146 ब्लाक में प्रदर्शन कर मुख्य सचिव के नाम कलेक्टर व एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया था।

- 29 जून 2022 को सभी 53 विभागों के कर्मचारी-अधिकारी ने एक दिवस का अवकाश लेकर जिला व ब्लाकों में महारैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा था।

- 25 से 29 जुलाई 2022 तक प्रदेश भर के शासकीय सेवकों ने सामूहिक अवकाश लेकर कलम बंद-काम बंद हड़ताल किया था।

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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