रायपुर। विधानसभा के मानसून सत्र में सरकार को घेरने के लिए विपक्षी दल भाजपा और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जकांछ) ने तैयारी कर ली है। विपक्ष के हमले से बचने के लिए कांग्रेस विधायक दल रणनीति बनाएगा। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के विधायक सरकार के खिलाफ विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाना चाह रहे हैं, लेकिन उनके विधायकों की संख्या पांच है। जकांछ के गठबंधन वाले दल बसपा के दो विधायक हैं।

अविश्वास प्रस्ताव के लिए 10 विधायकों की जस्र्रत पड़ेगी। इस कारण उन्हें भाजपा विधायक दल का समर्थन लेना होगा। जकांछ के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने भाजपा विधायक दल के नेता धरमलाल कौशिक से बात की है।

भाजपा विधायक दल ने अभी जकांछ के प्रस्ताव पर कोई फैसला नहीं लिया है। हालांकि, भाजपा अपने विधायक भीमा मंडावी की नक्सली हत्या, हिरासत में आदिवासी युवक की मौत, किसानों का कर्जमाफ नहीं होने, कानून व्यवस्था, बदलापुर की राजनीति समेत कुछ और मुद्दों पर घेरने की तैयारी कर रही है।

अभी भाजपा विधायक दल की बैठक भी नहीं हो पाई है, लेकिन सरकार को उसके खिलाफ उठने वाले मुद्दों की जानकारी मिल चुकी है। मंत्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि कांग्रेस विधायक दल की बैठक तो होगी, लेकिन अभी दिन और समय तय नहीं हो पाया है। सत्र के पहले दिन शुक्रवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक होने की संभावना है।

हालांकि, उसके बाद शनिवार और रविवार को भी सत्र नहीं होगा, तब भी बैठक बुलाई जा सकती है। उसमें विपक्ष के किस मुद्दे पर सरकार की तरफ से कौन जवाब देगा, इस पर रणनीति बनेगी। इसके अलावा यह कोशिश भी रहेगी कि 15 साल सत्ता में रहने वाली भाजपा को उसके कार्यकाल के दौरान हुई गड़बड़ियों और कमियों में ही उलझाकर रखा जाए।

इसके लिए कांग्रेस विधायक जवाब में पुराने मुद्दों को सत्र में फिर से उछाल सकते हैं। जैसे बदलापुर की राजनीति का आरोप लगाया जाएगा, तो सरकार की तरफ से नान घोटाला, अंतागढ़ टेपकांड में भाजपा को घेरने की कोशिश होगी।