रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में तृतीय लिंग को उद्योग लगाने के लिए 40 फीसद सब्सिडी देगी। राज्य में इसी महीने लागू हुई नई उद्योग नीति में इसका प्रावधान किया गया है। सरकार के इस फैसले से तृतीय लिंग लोगों को अपने नए स्टार्टअप के लिए वित्तीय सहायता मिल सकेगी। नए स्टार्टअप के लिए पट्टे पर जमीन भी प्रदान की जाएगी। इसी प्रकार, अन्य तकनीकी मदद भी राज्य सरकार उपलब्ध कराएगी।

उद्योग नीति में किए गए इस प्रावधान का थर्ड जेंडर समुदाय ने स्वागत किया है। छत्तीसगढ़ मितवा संकल्प समिति की अध्यक्ष विद्या राजपूत ने कहा कि आज की सबसे बड़ी समस्याओं में एक रोजगार है। ऐसी परिस्थिति में स्वरोजगार महत्वपूर्ण विकल्प है। राज्य सरकार ने अपनी नई उद्योग नीति में तृतीय लिंग के लिए भी प्रावधान किया है। इस निर्णय के लिए हम दिल से सरकार और विभाग को धन्यवाद देते हैं।

निवेशकों की बनाई सात कैटेगरी

औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए उद्यमी व निवेशकों की सात कैटेगरी बनाई गई है। इसमें पहली सामान्य वर्ग के उद्यमी, दूसरी अनुसूचित जाति- अनुसूचित जनजाति, तीसरी प्रवासीय भारतीय, प्रत्यक्ष विदेशी निवेशक, चौथी में महिला उद्यमी के साथ तृतीय लिंग को भी स्थान दिया गया है। पांचवीं कैटेगरी में राज्य के सेवानिवृत्त सैनिक, नक्सलवाद से प्रभावित व्यक्ति, दिव्यांग उद्यमी, छठवीं राज्य के महिला स्व सहायता समूह को महिला वर्ग के उद्यमियों के बराबर सुविधाएं प्राप्त होंगी। सातवीं कैटेगरी में राज्य के एफपीओ को सामान्य वर्ग के उद्यमियों के बराबर सुविधाएं प्राप्त होंगी।

सरकारी विभागों में होगी स्थानीय उद्योगों से खरीद

सरकारी विभाग में बड़ी मात्रा में विभिन्न् प्रकार की वस्तुओं का क्रय किया जाता है। स्थानीय औद्योगिक इकाइयों के उत्पादों की मार्केटिंग के लिए सभी विभाग के लिए स्थानीय निर्माताओं द्वारा बनाई वस्तुओं के क्रय को अनिवार्य बनाया जा रहा है।

विदेशी निर्यात को बढ़ावा देने की कोशिश

राज्य में कोई पोर्ट नहीं होने के कारण यहां से विदेशी निर्यात नहीं हो पाता है। सरकार ने इस क्षेत्र को गति देने के लिए नई सुविधा- परिवहन अनुदान की घोषणा की है। इसमें राज्य के निर्यातक इकाइयों को निर्यात के लिए आर्थिक निवेश प्रोत्साहन सुविधा मिलेगी।

अनुसंधान को बढ़ावा देने की कोशिश

सरकार ने राज्य में अनुसंधान और विकास के लिए प्रयोगशालाओं की स्थापना में रुचि रखने वाले उद्योगों को बढ़ावा देने का फैसला किया है। इसके तहत सरकार ऐसे उद्योगों के लिए भूमि सहित अन्य सुविधाएं सेवा उद्यमों के बराबर उपलब्ध कराएगी।

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Posted By: Hemant Upadhyay