रायपुर। Chhattisgarh News : छत्तीसगढ़ में अधिसूचित क्षेत्रों में रहने वाला कोई भी आदिवासी परिवार भूमिहीन नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि ऐसे आदिवासी परिवारों को सरकार जमीन देगी।

सीएम ने यह घोषण्ाा शनिवार को छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति शासकीय विकास सेवा संघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह में कही। कार्यक्रम का आयोजन राजधानी स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय आडिटोरियम में किया गया था।

मुख्यमंत्री बघेल ने महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर उनका स्मरण करते हुए कहा कि आदिवासी समाज का भी स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। आदिवासी समाज के गैंदसिंह नायक, शहीद वीरनारायण सिंह, गुण्डाधुर जैसे अनेक नायकों ने देश की आजादी में अमूल्य योगदान दिया है।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि जंगल में निवास करने वाले वनवासियों को रोजगार के लिए हमारी सरकार ने वन अधिकार मान्यता पत्र की समीक्षा कर वास्तविक हकदारों को उनके पट्टे उपलब्ध कराए हैं। सामुदायिक दावा पट्टा पर अधिक जोर दिया गया। प्रदेश में अब तक साढ़े पांच लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि के सामुदायिक पट्टों का वितरण किया जा चुका है।

सामाजिक भवन निमार्ण के लिए भी रियायती दर पर जमीन

आदिवासी की पहचान उनकी संस्कृति से है। आदिवासी संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए सरकार देवगुड़ी विकास और घोटुल निर्माण के लिए राशि उपलब्ध कराएगी।

उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालयों में रियायती दर पर समाज को जमीन और सामाजिक भवन निर्माण के लिए सरकार आर्थिक मदद दे रही है। शहीद वीर नारायण सिंह के नाम से जनजातीय संग्रहालय और शोध कार्य के लिए 10 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई है।

बोधघाट के लिए देश की सबसे आदर्श पुनर्वास नीति

मुख्यमंत्री बघेल ने बहुउद्देशीय बोधघाट परियोजना पहली परियोजना होगी, जिससे आदिवासियों को सीधा फायदा होगा। उन्होंने कहा कि बोधघाट परियोजना के लिए देश की सबसे आदर्श पुनर्वास नीति बनाई जाएगी।

Posted By: Kadir Khan

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