रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट आफ इनफारमेशन टेक्नोलाजी नया रायपुर (आइआइआइटी) में बीटेक की छात्रा चिंकी करदा को आस्ट्रेलिया की एतलासिया कंपनी ने 57 लाख रुपये सालाना पैकेज नौकरी दी। बिलासपुर के तखतपुर की रहने वाली चिंकी ने नईदुनिया को बताया कि वह कम्प्यूटर सांइस की छात्रा हैं। शुरू से ही रूझान कम्प्यूटर व प्रोग्रामिंग के क्षेत्र में रहा। इसलिए उन्होंने बीटेक भी इसी विषय पर किया। वहीं अनन्या सक्सेना का चयन माइक्रोसाफ्ट व शिवम उपाध्याय का चयन फार्मइजी कंपनी के लिए 21 लाख रुपये सालाना पैकेज पर हुआ।

बता दें आइआइआइटी नया रायपुर में बीटेक और एमटेक के छात्रों को कैंपस प्लेसमेट के माध्यम से नौकरी देने विश्वस्तरीय 45 कंपनियां पहुंची थी। इसमें 100 फीसद छात्रों का प्लेसमेंट के माध्यम से लाखों के पैकेज मिले। यह औसत वेतन 12.61 लाख प्रति वर्ष रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर हुआ है।

आइआइआइटी नया रायपुर प्लेसमेंट कार्यालय के प्रभारी डा. अमित अग्रवाल ने बताया कि इस वर्ष 25 फीसद बैच के लिए औसत वेतन 20.67 लाख प्रति वर्ष जबकि 50 फीसद बैच के लिए औसत वेतन 18.19 लाख प्रति वर्ष गया है। इस साल विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों जैसे कि साफ्टवेयर डेवलपमेंट, डेटा एनालिस्ट, कंसल्टैंट, बिज़नेस एनालिस्ट और अन्य क्षेत्रों में जाब की पेशकश की गई है।

संस्थान ने छात्रों को शुरुआत से ही आनलाइन टेस्ट प्रक्रिया के लिए तैयार किया है। इसका सकारात्मक परिणाम विद्यार्थियों के सलेक्शन के रूप में आना शुरू हो गया है। छात्रों द्वारा वर्चुअल आनलाइन टेस्ट और साक्षात्कार के लिए खुद को तैयार करने के लिए किए गए परिश्रम का ही परिणाम है, जिसके कारण संस्थान में 100 फीसद प्लेसमेंट संभव हो सका है।

अमेरिकन कंपनियों की नजर आइआइआइटी के छात्रों पर

प्रबंधन ने बताय कि अमेरिकन कंपनियों समेत अन्य विश्वस्तरीय कंपनियों की नजर आइआइआइटी नया रायपुर के छात्रों पर है। शीर्ष आईटी कंपनियां जैसे अमेरिकन एक्सप्रेस, कोडनेशन, कार्ल ज़ाइस, एरिक्सन, मीडियाण्नेट आदि द्वारा कैंपस प्लसेमेंट के लिए एक पसंदीदा संस्थान है। ऐसी कई कंपनियां थीं, जिन्होंने पहली बार कैंपस प्सेमेंट ड्राइव में हिस्सा लिया। इसमें फ़ार्मईज़ी, केपीएमजी, बिग बास्केट, स्टेरेडियन सेमीकंडक्टर्स, टेराडेटा आदि कंपनियां हैं।

यहां की शिक्षा से होनहार छात्र और प्रतिभावान बन रहे

इस कठिन समय में हर छात्र ने कड़ी मेहनत की है। इसका ही परिणाम है, उन्हें बेहतर प्लेसमेंट मिले हैं। संस्थान से देश नहीं विश्वस्तर पर पहचान बना रहा है। यहां की शिक्षा से होनहार छात्र और प्रतिभावान बन रहे हैं। इसी का नतीजा है कि पिछले चार वर्षों से 100 फीसद प्लसेमेंट हैं। यहां के छात्रों को नौकरी देने विश्वस्तरीय कंपनियां सामने आ रही। -डा. पीके सिन्हा, निदेशक, आइआइआइटी रायपुर

Posted By: Kadir Khan

NaiDunia Local
NaiDunia Local