रायपुर। Chhattisgarh Budget 2021: छत्तीसगढ़ के साथ वर्ष 2000 में झारखंड और उत्तराखंड राज्य भी अस्तित्व में आए। संसाधन संपन्न् तीनों ही क्षेत्र पिछड़े हुए थे, इस वजह से इन्हें अलग राज्य बनाया गया। छत्तीसगढ़ और झारखंड की परिस्थितियां लगभग एक जैसी है। दोनों राज्य खनिज और प्राकृतिक संपदा से परिपूर्ण होने के साथ ही नक्सल प्रभावित भी हैं। करीब 20 वर्ष में तीनों राज्यों ने विकास की लबी छलांग लगाई है।

छत्तीसगढ़ की तुलना में झारखंड और उत्तराखंड का वार्षिक बजट अभी कम है। छत्तीसगढ़ का वार्षिक बजट एक लाख के पार पहुंच चुका है। वहीं, झारखंड और उत्तराखंड अभी हजार करोड़ की सीमा में ही हैं। इसके बावजूद दोनों राज्य विकास दर के मामले में आगे हैं। आंकड़ों के अनुसार विकास दर के मामले में देश के 20 प्रमुख राज्यों में झारखंड और उत्तराखंड क्रमश: 15वें और 16वें स्थान पर है, जबकि छत्तीसगढ़ 18वें पायदान पर है।

अर्थव्यवस्था का आधार

छत्तीसगढ़ और झारखंड की अर्थव्यवस्था कृषि के साथ ही खनिज व उद्योग धंधों पर आधारित है, जबकि उत्तरखंड की पूरी अर्थव्यवस्था कृषि के साथ पर्यटन पर निर्भर है।

खर्च नहीं हो पा रहा है पूरा बजट

पूर्ववर्ती सरकार लगातार बजट का आकार बढ़ा रही थी। मुख्य बजट के बाद हर वर्ष तीन से चार अनुपूरक बजट प्रस्तुत किए जा रहे थे, लेकिन मुख्य बजट का भी पूरा उपयोग नहीं कर पा रही थी। कैग अपनी रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख भी कर चुका है। कैग के अनुसार सरकार कुल बजट का 20 फीसद राशि खर्च ही नहीं कर पा रही थी।

साथ बने राज्यों का बजट

राज्य 2018-19 2019-20 2020-21

छत्तीसगढ़ 83,189 95,899 1,02,907

झारखंड 80,200 85,429 86,370

उत्तराखंड 45,585 48,663 53,526.97

विकास दर

झारखंड - 6.99

उत्तराखंड - 6.87

छत्तीसगढ़ - 6.08

(नोट- 2020-21 की रिपोर्ट)

Posted By: Shashank.bajpai

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